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पंजाब बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से आग्रह किया कि वे चुनाव आयोग से राज्य में आदर्श आचार संहिता को जल्द लागू करने की सिफारिश करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने खुद यह मान लिया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है। राज्यपाल को लिखे एक पत्र में जाखड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने अबोहर में नशा-विरोधी मैराथन आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। सरकार ने इसके लिए "अनुपयुक्त माहौल और खराब कानून-व्यवस्था" का हवाला दिया। यह कार्यक्रम 1 नवंबर को आयोजित किया जाना था।
उन्होंने लिखा, "मैं आपसे तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता हूं... ताकि आगामी विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सकें, और लोग बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।" उन्होंने बताया कि उनके परिवार द्वारा चलाए जा रहे 'जाखड़ ट्रस्ट' की ओर से आयोजित इस मैराथन में हर साल हजारों युवा हिस्सा लेते रहे हैं। जाखड़ ने मैराथन के संबंध में प्रशासन की ओर से मिले जवाब की एक प्रति भी संलग्न की। उन्होंने लिखा, "हालांकि मैं इस सरकार और इसकी नीतियों का विरोधी हूं, लेकिन पहली बार सरकार ने जो कड़वी सच्चाई (कानून-व्यवस्था के बारे में) स्वीकार की है, मैं उससे सहमत हूं।"
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में कोई भी सुरक्षित नहीं है और जो लोग नशे की समस्या के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें गोलियों से चुप करा दिया जाता है। उन्होंने अमृतसर, तरनतारन, खेमकरण, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, मानसा, अबोहर, संगरूर और लुधियाना जैसी जगहों का जिक्र किया, जहां "लोगों की खुलेआम हत्याएं हो रही हैं"। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों के सेवन से जान गंवाने वाले युवाओं के शवों को पुलिस जबरन ले जाती है, और जो लोग इस समस्या के खिलाफ विरोध करते हैं, उन्हें या तो "पुलिस के दमन का सामना करना पड़ता है या फिर वे आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाते हैं"।
जाखड़ ने इस स्थिति के लिए "आम आदमी पार्टी सरकार की सोची-समझी नीति" को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने वरिष्ठ 'आप' नेता मनीष सिसोदिया के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी "चुनाव जीतने के लिए हर संभव तरीके का इस्तेमाल करेगी"।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अहम पदों पर अपनी बात मानने वाले अधिकारियों को तैनात किया है, जबकि गैंगस्टरों को पार्टी में शामिल किया जा रहा है या उन्हें पार्टी का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि जेलों से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के नेटवर्क चलाए जा रहे हैं, और तस्करों तथा हत्या के आरोपियों को पैरोल देकर विदेश भागने में मदद की जा रही है। उन्होंने आगे दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों को करोड़ों रुपयों के लेन-देन के जरिए दबाया जा रहा है, और आरोपियों को देश से बाहर भागने में मदद दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 करोड़ रुपये से जुड़े ऐसे ही एक मामले में मुख्यमंत्री के परिवार का नाम आया था, और हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार ने इसकी कोई जांच नहीं कराई।
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