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पंजाब में 'CM सेहत योजना' का कमाल: कैंसर मरीजों को मिला 20.22 करोड़ का कैशलेस इलाज

Saba Naaz
24 July 2026 3:58 PM IST
पंजाब में CM सेहत योजना का कमाल: कैंसर मरीजों को मिला 20.22 करोड़ का कैशलेस इलाज
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चंडीगढ़। पंजाब में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' एक बड़ा संबल बनकर उभरी है। पंजाब सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक 8,069 कैंसर मरीजों के इलाज पर 20.22 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक इन सभी मरीजों को पूरी तरह कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने उन हजारों परिवारों को आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से उबारने में मदद की है, जिन्हें इलाज का खर्च वहन न कर पाने के कारण अपनों के जीवन को संकट में डालना पड़ता था।

कैंसर के इलाज में समय पर सही चिकित्सा मिलना सबसे अहम माना जाता है। आज के दौर में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक पद्धतियों से मरीजों के पूरी तरह ठीक होने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं, लेकिन महंगा खर्च अक्सर इसमें सबसे बड़ी बाधा बनता है। योजना के आंकड़े बताते हैं कि आमतौर पर वृद्धावस्था से जोड़कर देखी जाने वाली यह बीमारी अब कामकाजी और युवा वर्ग को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। योजना का लाभ लेने वाले कुल मरीजों में से आधे से अधिक यानी 4,285 मरीज 36 से 60 वर्ष के आयु वर्ग के हैं। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु के 3,376 मरीज, 17 से 35 वर्ष के 399 मरीज और 17 वर्ष से कम उम्र के 9 बच्चे भी इस योजना के तहत अपना इलाज कराने में सफल रहे हैं।

कैंसर का निदान होने के बाद अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाना और सर्जरी जैसी महंगी प्रक्रियाएं किसी भी आम परिवार को अचानक गहरे आर्थिक संकट में धकेल देती हैं। पटियाला के समाना की निवासी दर्शन देवी का मामला इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। जब डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल कैंसर सर्जरी की सलाह दी, तो 4 से 5 लाख रुपये के भारी-भरकम अनुमानित खर्च ने उनके पूरे परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया था। ऐसे मुश्किल वक्त में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत स्वीकृति मिलते ही बिना किसी निजी खर्च के उनकी सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो सकी। यह योजना अब मरीजों और उनके परिवारों के लिए केवल एक स्वास्थ्य नीति नहीं, बल्कि समय पर इलाज दिलाकर जीवन बचाने वाली संजीवनी बन चुकी है।

पंजाब स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि राज्य में साल भर कैंसर के मरीजों को निरंतर इलाज की जरूरत बनी रही। चालू वर्ष के महीनों पर नजर डालें तो जनवरी में 842 मरीजों ने लाभ उठाया, जबकि फरवरी में यह संख्या बढ़कर 1,080, मार्च में 1,175 और अप्रैल में 1,350 तक पहुंच गई। मई में 1,275 मरीजों के इलाज के बाद जून महीने में सबसे रिकॉर्ड 1,468 मरीजों को इस योजना के तहत कैशलेस स्वास्थ्य लाभ दिया गया। वहीं जुलाई के शुरुआती 18 दिनों के भीतर ही 879 और मरीज इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर चुके थे। बिना किसी वित्तीय रुकावट के समय पर मिल रहे इस मुफ्त इलाज ने राज्य के आम नागरिकों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति नया विश्वास जगाया है।

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