पंजाब

Tarn Taran में छात्रों ने संभाली बैसाखी समारोह की कमान

Ratna Netam
14 April 2026 5:35 PM IST
Tarn Taran में छात्रों ने संभाली बैसाखी समारोह की कमान
x
Tarn Taran.तरनतारन: खालसा सजना दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों ने प्रमुख भूमिका निभाते हुए समारोह का नेतृत्व किया। इस दौरान पूरे शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारों में विशेष दीवान और कीर्तन से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। खालसा सजना दिवस के महत्व को समझाते हुए वक्ताओं ने गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना के ऐतिहासिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
छात्रों ने इस अवसर पर नगर कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्रों ने भांगड़ा और गिद्धा जैसे लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके साथ ही उन्होंने देशभक्ति और धार्मिक मूल्यों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां भी दीं।
विद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों ने बढ़-चढ़कर इस आयोजन में हिस्सा लिया, जिससे यह समारोह और भी जीवंत हो गया। शिक्षकों और अभिभावकों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नगर कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने सेवा भाव के तहत लंगर का आयोजन भी किया, जहां लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ इस पर्व को मनाया।
प्रशासन ने भी इस अवसर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
धार्मिक नेताओं ने अपने संदेश में कहा कि खालसा सजना दिवस केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि साहस, त्याग और समानता का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं।
छात्रों ने बताया कि इस आयोजन में भाग लेकर उन्हें अपनी संस्कृति को करीब से समझने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और समाज के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराते हैं।
कुल मिलाकर, तरनतारन में आयोजित यह समारोह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसमें छात्रों की सक्रिय भागीदारी ने इसे और भी खास बना दिया। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और उसे सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
Next Story