पंजाब

काली पट्टी बांधकर छात्रों ने सरकार के खिलाफ जताया आक्रोश

Saba Naaz
23 July 2026 8:28 PM IST
काली पट्टी बांधकर छात्रों ने सरकार के खिलाफ जताया आक्रोश
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चंडीगढ़: सेक्टर-17 प्लाजा में पेपर लीक और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में युवाओं और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और मुंह पर काली पट्टी बांधकर मौन विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने करीब चार से पांच घंटे तक सेक्टर-17 प्लाजा में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर के माध्यम से अपनी मांगें रखीं, जबकि कुछ ने गीतों के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। प्रदर्शन का सबसे प्रमुख दृश्य युवाओं का काली पट्टी बांधकर किया गया मौन प्रदर्शन रहा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। युवा कई वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक होने से उनकी मेहनत और उम्मीदों को बड़ा झटका लगता है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जाए और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी रखी।

युवाओं ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले लोगों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। इसी संदेश को देने के लिए उन्होंने मुंह पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि काली पट्टी यह दिखाने का प्रतीक है कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करना छात्रों और युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान लोगों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई। सेक्टर-17 प्लाजा में प्रदर्शनकारियों के लिए मोमोज का लंगर लगाया गया। खरड़ से पहुंचे अंकुश ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों की सुविधा को देखते हुए उन्होंने यह सेवा शुरू की। उनका कहना था कि अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि छात्रों के अधिकारों और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर है। उन्होंने सरकार से जल्द कदम उठाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की।

फिलहाल चंडीगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के बाद युवाओं ने साफ किया है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनकी आवाज जारी रहेगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को आगे भी उठाते रहेंगे।

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