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Amritsar अमृतसर। जिले के मेहता गांव में मंगलवार को एक खेत में पराली जलाने की घटना देखी गई। स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बताया कि खेत में जमा पराली को आग के हवाले किया गया, जिससे धुआँ फैल गया और आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ गया। स्थानीय निवासी ने कहा कि पराली जलाने की यह प्रवृत्ति फसल कटाई के बाद आम होती है, लेकिन इससे हवा और स्वास्थ्य दोनों को गंभीर खतरा होता है। आग से आसपास के खेत और फसलों को भी नुकसान होने का जोखिम रहता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि पराली जलाने से न केवल वायु में हानिकारक गैसें निकलती हैं, बल्कि यह स्थानीय स्वास्थ्य और जैव विविधता के लिए भी खतरनाक है। उन्होंने किसानों से अपील की कि पराली को अन्य तरीकों से नष्ट किया जाए, जैसे कंपोस्टिंग या बायोगैस उत्पादन में उपयोग।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों को जागरूक करने और पर्यावरणीय उपाय अपनाने के लिए अभियान चलाने की योजना बनाई है। कुल मिलाकर, अमृतसर के मेहता गांव में पराली जलाने की यह घटना पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी है। अधिकारियों और किसानों को मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान ढूँढने की आवश्यकता है।
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