
भुच्चो मंडी। नेशनल हाईवे-07 पर भुच्चो कैंचियां से अदेश यूनिवर्सिटी के नजदीक तक लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद होने के कारण रात के समय पूरा मार्ग अंधेरे में डूब जाता है। व्यस्त हाईवे पर रोशनी की व्यवस्था ठप होने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
भुच्चो कैंचियां से अदेश यूनिवर्सिटी की ओर जाने वाले इस मार्ग पर दिन के समय वाहनों की आवाजाही काफी रहती है। क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों, दुकानों और अन्य गतिविधियों के कारण भी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में रात के समय स्ट्रीट लाइटों का बंद होना लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे के इस हिस्से पर सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइटें काफी समय से रोशनी नहीं दे रही हैं। शाम ढलने के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है। जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ता है, हाईवे का बड़ा हिस्सा रोशनी के अभाव में काले अंधेरे में तब्दील हो जाता है। वाहन चालकों को अपने वाहनों की हेडलाइट के सहारे ही रास्ता तय करना पड़ता है।
व्यस्त हाईवे होने के कारण यहां छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। रात में सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी के बीच सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों या दोपहिया वाहन चालकों को देख पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सड़क पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होना यातायात सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय है।
राहगीरों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों का उद्देश्य ही रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन में मदद मिल सके। लेकिन जब लाइटें ही बंद हों तो उनका कोई उपयोग नहीं रह जाता। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सभी खराब स्ट्रीट लाइटों की जांच करवाकर उन्हें चालू कराने की मांग की है।
स्थानीय वाहन चालकों के अनुसार रात के समय हाईवे पर अंधेरा होने से वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। सड़क पर अचानक कोई पैदल व्यक्ति, साइकिल सवार या धीमी गति से चल रहा वाहन सामने आ जाए तो उसे समय रहते देखना मुश्किल हो सकता है। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए अंधेरा अधिक परेशानी वाला साबित हो सकता है। कार या बड़े वाहनों में हेडलाइट की रोशनी अपेक्षाकृत अधिक होती है, लेकिन दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क के किनारों को स्पष्ट रूप से देख पाना मुश्किल होता है। ऐसे में हाईवे की स्ट्रीट लाइटें सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी हैं।
अदेश यूनिवर्सिटी के आसपास भी रात के समय विद्यार्थियों और अन्य लोगों की आवाजाही रहती है। शैक्षणिक संस्थान होने के कारण कई विद्यार्थी और कर्मचारी देर शाम तक क्षेत्र में मौजूद रहते हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद होने से उन्हें भी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि संस्थान के आसपास के मार्ग पर पर्याप्त रोशनी होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों और कर्मचारियों को आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
स्थानीय दुकानदारों ने भी समस्या पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि शाम के बाद अंधेरा बढ़ने के कारण आसपास का क्षेत्र असुरक्षित महसूस होता है। पर्याप्त रोशनी रहने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर रहती है, बल्कि लोगों में सुरक्षा की भावना भी बनी रहती है।
लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि केवल खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पूरे मार्ग की नियमित जांच भी होनी चाहिए। यदि किसी स्थान पर बिजली की समस्या, तारों में खराबी या अन्य तकनीकी कारण से लाइटें बंद हैं तो उसे जल्द दूर किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मरम्मत के बाद लाइटें लगातार काम करती रहें।
हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था को यातायात सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। सड़क पर पर्याप्त रोशनी होने से वाहन चालकों को मोड़, सड़क के किनारे, पैदल यात्रियों और अन्य वाहनों को पहचानने में सुविधा होती है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम करने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेषकर रात के समय मौसम खराब होने या धुंध की स्थिति में रोशनी की कमी वाहन चालकों के लिए और अधिक परेशानी पैदा कर सकती है।
लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण करने और बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि समस्या को केवल शिकायत तक सीमित न रखकर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। बिजली आपूर्ति, लाइटों, पोल और वायरिंग की जांच कर जहां जरूरत हो वहां मरम्मत या आवश्यक उपकरण बदले जाएं।
भुच्चो कैंचियां से अदेश यूनिवर्सिटी के पास तक का मार्ग लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में यहां प्रकाश व्यवस्था का सुचारु रहना बेहद जरूरी है। स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात में अंधेरा छा जाने की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो इससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
फिलहाल एनएच-07 के इस हिस्से में रात के समय अंधेरे की समस्या लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई कर स्ट्रीट लाइटें चालू कराने की मांग की है। लोगों को उम्मीद है कि अधिकारियों द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए खराब लाइटों की मरम्मत कराई जाएगी और पूरे मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था बहाल की जाएगी।
व्यस्त हाईवे पर रोशनी की व्यवस्था केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से भी सीधे जुड़ी है। इसलिए भुच्चो कैंचियां से अदेश यूनिवर्सिटी तक बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक करना जरूरी है, ताकि रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।





