पंजाब

परविंदर झोटा की हत्या पर गतिरोध बरकरार, परिजनों ने दोहराई CBI जांच की मांग

nidhi
18 Oct 2026 7:06 AM IST
परविंदर झोटा की हत्या पर गतिरोध बरकरार, परिजनों ने दोहराई CBI जांच की मांग
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झोटा हत्याकांड में पांचवें दिन भी गतिरोध
मानसा: नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद परिवार और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। शनिवार को पांचवें दिन भी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। परिजन मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग पर अड़े हैं और मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का रुख अपनाए हुए हैं। इस बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गोलीबारी में घायल हुए चार लोगों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। परिवार और समर्थकों का प्रदर्शन जारी है।
मानसा के तिकोनी चौक और सिविल अस्पताल परिसर में जुटे समर्थक हत्या की निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। प्रशासन के साथ बातचीत के बावजूद अंतिम संस्कार को लेकर समाधान नहीं निकल पाया है। झोटा का शव सिविल अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ है। परिवार और संघर्ष कमेटी का कहना है कि केवल आरोपी के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन परिस्थितियों की भी जांच होनी चाहिए, जिनके बीच नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता की हत्या हुई।
शनिवार को एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने झोटा के पिता भीम सिंह से मुलाकात की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भरोसा दिया कि संस्था परिवार के साथ खड़ी रहेगी। धामी ने घटना में घायल लोगों के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी भी ली। चारों घायलों के लिए घोषित पांच-पांच लाख रुपये में से ढाई लाख रुपये चिकित्सा खर्च और ढाई लाख रुपये आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाएंगे। इस हिसाब से चारों के लिए कुल 20 लाख रुपये की सहायता घोषित की गई है।
एसजीपीसी की ओर से अपने अस्पताल में घायलों के उपचार की व्यवस्था करने की पेशकश भी की गई है। धामी ने परिवार से पूछा कि क्या वे घायलों को संस्था द्वारा संचालित अस्पताल में स्थानांतरित कराना चाहते हैं। राज्य सरकार पहले ही घायलों के मुफ्त इलाज और अस्पतालों में उनके परिवारों के लिए निशुल्क ठहरने की व्यवस्था की घोषणा कर चुकी है। सहायता संबंधी घोषणाओं के बीच घायलों की देखभाल और परिवारों को सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
धामी ने घोषणा की कि परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब परिसर स्थित केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाई जाएगी। इससे पहले शुक्रवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने उन्हें सिख समुदाय का शहीद बताया था। एसजीपीसी अध्यक्ष ने नशे के खिलाफ उनके अभियान का उल्लेख करते हुए परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही। संस्था की घोषणा झोटा के सामाजिक योगदान को सम्मान देने से जुड़ी है।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने झोटा के दोनों छोटे बेटों के नाम पर दस-दस लाख रुपये की सावधि जमा कराने का प्रस्ताव भी रखा था। हालांकि, पिता भीम सिंह ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी जरूरतें पूरी करने में सक्षम है और उन्होंने आर्थिक सहयोग घायलों के लिए मांगा था। परिवार ने यह भी बताया कि बरू साहिब के प्रतिनिधियों ने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की पेशकश की है। धामी ने बच्चों के पालन-पोषण में सहयोग देने का प्रस्ताव भी रखा।
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उन्होंने दुकान मालिक अश्विनी कुमार से नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर सवाल किया था। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा की जान चली गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। घटना के समय झोटा अपने अभियान की लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे थे। आरोपी को बाद में राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था।
हत्या के बाद से परिवार और समर्थक जांच के तरीके तथा अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। मामले में मानसा सिटी-2 की थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बेअंत कौर को निलंबित किया गया है। परिवार की मांगों में सीबीआई जांच के अलावा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही और पीजीआई के डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराना भी शामिल है। फिलहाल सहायता और सम्मान की घोषणाओं के बावजूद अंतिम संस्कार को लेकर गतिरोध दूर नहीं हुआ है। परिजन अपनी मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं।
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