जमीनी विवाद में पिता की Killing करने वाला बेटा गिरफ्तार, आंगन में जलाया शव; शक होने पर पहुंची पुलिस

Bathinda.बठिंडा। जमीन के लालच में अंधे बेटे ने अपने 70 वर्षीय पिता वरिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी और अपराध छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाकर अंतिम संस्कार का रूप देने का घिनौना प्रयास किया। सूचना मिलने पर थर्मल थाने की पुलिस ने आरोपी बेटे 49 वर्षीय यादविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। घर में आरोपी बेटे के अलावा उसके माता-पिता ही रहते थे। एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि घटना 20 मई दोपहर की है। गांव सिवियां निवासी यादविंदर बेरोजगार है। उसका अपने पिता वरिंदर से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। झगड़े के दौरान वरिंदर ने अपने बेटे की पिटाई कर दी। गुस्से में आकर यादविंदर ने अपनी लाइसेंसी राइफल उठाई और पिता पर दो गोलियां चला दीं। वरिंदर की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद यादविंदर अपने पिता के शव को आंगन में ले आया। उसने लकड़ियां इकट्ठी कीं, उन पर तेल डाला और शव को आग लगा दी।
22 मई को इस जघन्य हत्याकांड की सूचना मिलने पर थर्मल थाना प्रभारी सुखविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपी यादविंदर को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार यादविंदर का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसका अपनी पत्नी से तलाक का विवाद चल रहा है, जबकि उसका दूसरा भाई कनाडा में रहता है।घर पर अंतिम संस्कार करने पर रिश्तेदारों को हुआ शकआरोपी यादविंदर सिंह ने अपने पिता का अंतिम संस्कार श्मशान घाट पर नहीं किया। अपराध छिपाने के लिए उसने पहले सारे सबूत मिटा दिए और फिर लकड़ियां इकट्ठी कर लीं। बुजुर्ग मां भी चुप रही। इसके बाद उसने अपने कुछ रिश्तेदारों को फोन करके बताया कि उसके पिता की अचानक मौत हो गई है और वे उसके घर आ जाएं।रिश्तेदारों के पहुंचने से पहले ही आरोपी ने अपने घर के आंगन में लकड़ियों की चिता बनाकर उस पर अपने पिता के शव को रख दिया और बिना किसी रस्म के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया।
वरिंदर सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल हुए कुछ रिश्तेदारों को यादविंदर की हरकतों पर शक हुआ। उन्होंने यादविंदर से गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार न करने के बारे में पूछा, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद एक रिश्तेदार ने पुलिस को इस संदिग्ध घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम की मदद से घर के आंगन से वरिंदर के शव की हड्डियां बरामद कीं। उन्हें मौके से खून के धब्बे भी मिले। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया। उन्होंने यादविंदर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हत्या में इस्तेमाल की गई राइफल और खाली गोली का खोल भी बरामद कर लिया गया है। यादविंदर का घर एक तरफ स्कूल से सटा है और दूसरी तरफ सड़क है। चूंकि घर काफी बड़ा था और दीवारें काफी ऊंची थीं, इसलिए गांव वालों को गोलियों की आवाज नहीं सुनाई दी।





