पंजाब

अमृतसर एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन दिखने से हड़कंप, सात उड़ानें दिल्ली डायवर्ट

Kavita2
7 Sept 2026 1:45 PM IST
अमृतसर एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन दिखने से हड़कंप, सात उड़ानें दिल्ली डायवर्ट
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अमृतसर। अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया के आसपास कई संदिग्ध ड्रोन जैसी वस्तुएं दिखाई देने के बाद रविवार रात सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट पर आने वाली सात उड़ानों का रास्ता बदलकर उन्हें दिल्ली भेजना पड़ा। इनमें दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल थीं। रनवे के आसपास संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही पंजाब पुलिस और संबंधित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।

एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि घटना रविवार रात करीब 10 बजे की है। एयरपोर्ट के रनवे क्षेत्र के आसपास ड्रोन जैसी वस्तुओं की गतिविधि देखी गई। मामला सीधे विमान संचालन और एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए गए।

रात करीब 10 बजे दिखी संदिग्ध गतिविधि

जानकारी के मुताबिक रविवार रात एयरपोर्ट पर सामान्य रूप से उड़ानों का संचालन चल रहा था। इसी दौरान रनवे के आसपास आसमान में संदिग्ध ड्रोन जैसी वस्तुओं की गतिविधि दिखाई दी।

इसके बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विमान संचालन को लेकर एहतियाती कदम उठाए। उस समय अमृतसर पहुंचने वाली उड़ानों को सुरक्षित विकल्प के तौर पर दूसरे एयरपोर्ट की ओर भेजने का फैसला किया गया।

सात उड़ानों को अमृतसर में उतरने के बजाय दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया। इससे यात्रियों के यात्रा कार्यक्रम पर भी असर पड़ा।

दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित

डायवर्ट की गई सात उड़ानों में दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल होने की जानकारी है। सुरक्षा कारणों से इन विमानों को अमृतसर में उतरने की अनुमति देने के बजाय दिल्ली भेजा गया।

किसी भी एयरपोर्ट के रनवे और उड़ान मार्ग के आसपास अनधिकृत ड्रोन की मौजूदगी विमान संचालन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसी वजह से संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर भी सुरक्षा के लिहाज से उड़ानों को रोकने या डायवर्ट करने जैसे कदम उठाए जाते हैं।

अधिकारियों की प्राथमिकता यात्रियों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही।

पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट

संदिग्ध ड्रोन की सूचना मिलते ही पंजाब पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया। एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और संदिग्ध गतिविधि के स्रोत का पता लगाने की कोशिश शुरू हुई।

अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आसमान में दिखाई देने वाली वस्तुएं वास्तव में ड्रोन थीं या कोई अन्य चीज। यदि ड्रोन होने की पुष्टि होती है तो उन्हें किस स्थान से उड़ाया गया, उनका संचालन कौन कर रहा था और एयरपोर्ट के इतने नजदीक पहुंचने का उद्देश्य क्या था, इन सवालों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

रनवे के पास ड्रोन बन सकते हैं बड़ा खतरा

एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन की मौजूदगी को बेहद गंभीर माना जाता है। उड़ान भरते या उतरते समय विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होते हैं। ऐसे में ड्रोन से टक्कर विमान और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।

विशेष रूप से रनवे के आसपास ड्रोन दिखाई देने पर एयर ट्रैफिक संचालन प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि ऐसे मामलों में एयरपोर्ट प्रशासन तत्काल एहतियाती कदम उठाता है।

अमृतसर की घटना में भी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमानों को दूसरे एयरपोर्ट भेजने का फैसला किया गया।

यात्रियों के कार्यक्रम पर पड़ा असर

सात उड़ानों को दिल्ली डायवर्ट करने से बड़ी संख्या में यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। जिन यात्रियों को अमृतसर उतरना था, वे दिल्ली पहुंचे। इसके बाद उनकी आगे की यात्रा की व्यवस्था संबंधित एयरलाइंस और परिस्थितियों के अनुसार की गई होगी।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के डायवर्ट होने के कारण यात्रियों के इमिग्रेशन और आगे के यात्रा कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि प्रभावित यात्रियों की संख्या और उड़ानों के सामान्य होने के समय को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

ड्रोन कहां से आए जांच का बड़ा सवाल

सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल संदिग्ध ड्रोन के स्रोत का है। एयरपोर्ट के आसपास की गतिविधियों और संभावित लॉन्चिंग पॉइंट की जांच से इस बारे में जानकारी मिल सकती है।

आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के जरिए ड्रोन संचालित करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जा सकता है।

यदि किसी अनधिकृत व्यक्ति ने एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्र के आसपास ड्रोन उड़ाया है तो उसके खिलाफ लागू नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

संवेदनशील एयरपोर्ट होने से बढ़ी गंभीरता

अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट घरेलू के साथ कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भी संचालन करता है। सीमावर्ती राज्य में स्थित होने के कारण यहां सुरक्षा पहले से ही महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में ऑपरेशनल क्षेत्र के पास संदिग्ध ड्रोन दिखाई देना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर मामला बन गया है।

हालांकि जांच पूरी होने से पहले ड्रोन के उद्देश्य या उन्हें संचालित करने वाले लोगों के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही हैं।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि कितने संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिए और वे कितनी देर तक एयरपोर्ट के आसपास मौजूद रहे। यह भी जांच का विषय है कि उनकी गतिविधि केवल एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से तक सीमित थी या वे उड़ान संचालन के लिए निर्धारित क्षेत्र के बेहद करीब पहुंच गए थे।

रविवार रात की घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को अचानक हाई अलर्ट पर ला दिया। समय रहते उड़ानों को डायवर्ट किए जाने से किसी अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं है। अब सुरक्षा एजेंसियों का पूरा ध्यान संदिग्ध ड्रोन जैसी वस्तुओं की पहचान और उनके स्रोत का पता लगाने पर है।

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