पंजाब

SGPC ने अंब साहिब विवाद में दो और कर्मचारियों को निलंबित किया

Ratna Netam
4 April 2026 1:05 PM IST
SGPC ने अंब साहिब विवाद में दो और कर्मचारियों को निलंबित किया
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Mohali.मोहाली: मोहाली में गुरुद्वारा अंब साहिब की ज़मीन की अवैध बिक्री मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस मामले में दो और कर्मचारियों को निलंबित करने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों से चल रहे अंब साहिब जमीन विवाद में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
जानकारी के अनुसार, मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब की जमीन की अवैध बिक्री का मामला पहले ही सार्वजनिक हो चुका है। पिछले महीने SGPC ने इस मामले में जांच शुरू की थी, जिसमें कई कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए। प्रारंभिक जांच में कुछ कर्मचारियों द्वारा नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया जाना पाया गया। इसी जांच के परिणामस्वरूप अब दो और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
SGPC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगठन इस मामले में सख्ती बरत रहा है और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “गुरुद्वारा की जमीन और संसाधन सीधे सिख समुदाय की संपत्ति हैं। इसका किसी भी तरह का दुरुपयोग गंभीर अपराध है। इसीलिए निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई जरूरी है।”
इस मामले ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा बढ़ा दी है। समाज में गुरुद्वारों की संपत्ति के संरक्षण और पारदर्शिता को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि SGPC द्वारा की गई कार्रवाई न केवल नियमों के पालन का संदेश देती है, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए चेतावनी भी है कि अनियमितताओं की कोई जगह नहीं है।
पिछले महीने भी SGPC ने इसी मामले में तीन कर्मचारियों को निलंबित किया था। अब दो और कर्मचारियों के निलंबन के साथ यह मामला और गंभीर रूप ले चुका है। इसके अलावा, SGPC ने जांच टीम को और विस्तारित कर दिया है ताकि सभी संभावित अनियमितताओं का पूरी तरह से पता लगाया जा सके।
गुरुद्वारा अंब साहिब के स्थानीय श्रद्धालुओं ने SGPC की कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह कदम धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति और विश्वास को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में तेजी से निष्पक्ष कार्रवाई होना चाहिए ताकि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार और अनियमितता न फैले।
कुल मिलाकर, मोहाली में गुरुद्वारा अंब साहिब की ज़मीन विवाद में SGPC की कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति का संरक्षण संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दो और कर्मचारियों के निलंबन के साथ ही यह मामला अब न्यायिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी गंभीरता प्राप्त कर चुका है। आने वाले समय में इस मामले की जांच और नतीजे पूरी तरह पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
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