पंजाब

बेअदबी कानून पर SGPC ने उठाए सवाल

Ratna Netam
14 April 2026 12:47 PM IST
बेअदबी कानून पर SGPC ने उठाए सवाल
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Punjab.पंजाब: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) ने बेअदबी (धार्मिक ग्रंथों के अपमान) को लेकर प्रस्तावित कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केवल बिल पास करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके प्रभावी और सख्त क्रियान्वयन की भी उतनी ही आवश्यकता है।
Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से बेअदबी की घटनाएं समाज में गहरी चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में सरकार द्वारा
कानून लाना एक सकारात्मक कदम है,
लेकिन यदि इसका जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन नहीं हुआ, तो इसका अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगा।
संस्था का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं हो सकती। इसलिए कानून को इतना मजबूत बनाया जाना चाहिए कि दोषियों को जल्द और सख्त सजा मिल सके, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
एसजीपीसी ने यह भी कहा कि कई बार देखा गया है कि कानून बनने के बाद भी उसके लागू होने में देरी या कमजोर कार्यान्वयन के कारण अपराधियों को राहत मिल जाती है। यही कारण है कि केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि उसकी निगरानी और जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।
संस्था ने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील की है कि बेअदबी के मामलों में तेजी से जांच हो और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही, समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि लोग धार्मिक सम्मान के महत्व को समझ सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक मामलों में संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कानून को स्पष्ट और प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, पुलिस और प्रशासन को भी विशेष प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि ऐसे मामलों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
इस बीच, यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न संगठनों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सभी इस बात पर सहमत हैं कि बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकना बेहद जरूरी है।
फिलहाल, एसजीपीसी ने अपने बयान के जरिए यह स्पष्ट किया है कि वह केवल कानून बनाने के पक्ष में नहीं, बल्कि उसके सख्त और प्रभावी क्रियान्वयन के समर्थन में भी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।
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