
पंजाब Punjab शिरोमणि अकाली दल (SAD) की वर्किंग कमिटी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा की। उन पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर अकाल तख्त के अधिकार को चुनौती दी, जिससे सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। SAD अध्यक्ष सुखबीर बादल की अगुवाई वाली कमिटी ने कहा कि मुख्यमंत्री जानबूझकर सिख समुदाय में फूट डाल रहे हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि कमिटी ने मुख्यमंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पास किया। उन्होंने कहा कि कमिटी ने इस बात पर भी चर्चा की कि मुख्यमंत्री किस तरह "अपने गुनाहों" को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, SAD के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया ने शुक्रवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया था क्योंकि उन्होंने मजीठा पुलिस स्टेशन के SHO के घर से पार्टी कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को छुड़ाकर AAP सरकार की पोल खोली थी।
उन्होंने कहा कि मजीठा पुलिस स्टेशन जाने के पीछे उनका एकमात्र मकसद अकाली कार्यकर्ता के मानवाधिकारों की रक्षा करना था। कोर्ट के उस फैसले से यह साबित भी हो गया जिसमें जोबन की गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया गया और DSP कमलप्रीत सिंह के खिलाफ सख्त टिप्पणी की गई।





