पंजाब

Ropar: ज़मीन मालिकों को 34 लाख रुपये का रिकवरी नोटिस जारी

Ratna Netam
17 April 2026 12:33 PM IST
Ropar: ज़मीन मालिकों को 34 लाख रुपये का रिकवरी नोटिस जारी
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Punjab.पंजाब: पंजाब के रोपड़ जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पहले से अटैच की गई एक प्रॉपर्टी पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। इस मामले ने प्रशासनिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद संबंधित ज़मीन मालिकों को लगभग 34 लाख रुपये का रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की जांच की। जांच में पाया गया कि जिस जमीन को पहले ही ED द्वारा अटैच किया जा चुका था, वहां बिना अनुमति के अवैध रूप से माइनिंग की जा रही थी। इस गतिविधि से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करते हुए कई दिनों तक खनन कार्य जारी रहा।
इसके बाद संबंधित विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जमीन मालिकों को नोटिस जारी किया और उनसे 34 लाख रुपये की राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मामले ने एक बार फिर राज्य में अवैध खनन के बढ़ते मामलों को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि अटैच की गई संपत्ति पर खनन कैसे और किसकी मिलीभगत से हुआ। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कई स्तरों पर लापरवाही और संभावित मिलीभगत की जांच की जा रही है। यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिकवरी नोटिस जारी होने के बाद जमीन मालिकों को निर्धारित समय सीमा में राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई और संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं, लेकिन इस बार मामला गंभीर इसलिए हो गया क्योंकि यह ED द्वारा अटैच की गई संपत्ति से जुड़ा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी। साथ ही, खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी गठित की जा सकती हैं। कुल मिलाकर, यह मामला न केवल अवैध खनन को लेकर चिंता बढ़ाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि सरकारी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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