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Punjab.पंजाब: पंजाब के अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की हालिया आत्महत्या के बाद शुरू हुआ “जस्टिस फॉर रंधावा” अभियान अब दुनिया भर में रफ़्तार पकड़ चुका है। यह आंदोलन अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि विदेशों में बसे पंजाबी समुदायों, अलुमनाई संगठनों और मानवाधिकार समर्थकों तक फैल गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य रंधावा के परिवार के लिए न्याय दिलाना और उनके निधन के पीछे के कारणों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।
कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले पंजाबी समुदायों ने रंधावा के लिए कैंडललाइट वीजिल, स्मरण समारोह और सामुदायिक बैठकें आयोजित की हैं। इन आयोजनों में सैकड़ों लोग शामिल हुए और उन्होंने रंधावा को एक ईमानदार, निष्ठावान और समर्पित अधिकारी के रूप में याद किया। सरी (Surrey) में हुए कार्यक्रम में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने रंधावा के योगदान की सराहना की और उनके परिवार के लिए न्याय की मांग दोहराई। आयोजकों ने बताया कि रंधावा ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक ईमानदारी और पारदर्शिता का उदाहरण पेश किया, जिससे उनके आसपास के लोगों में भरोसा और सम्मान कायम हुआ।
ब्रेम्पटन सिटी हॉल में आयोजित वीजिल में समुदाय के सदस्यों ने एकजुटता दिखाई और रंधावा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही, उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को औपचारिक प्रतिनिधि पत्र भेजने की योजना बनाई ताकि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में अन्य पंजाबी संगठनों ने भी रंधावा के नाम पर कार्यक्रम आयोजित कर उनकी याद को सम्मानित किया और न्याय की पुकार लगाई।
भारत में भी इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कई राजनीतिक दलों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि मामले की जांच में देरी की जा रही है और उन्होंने CBI जांच की मांग की। भाजपा सहित अन्य दलों ने विरोध प्रदर्शन किए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। इस दौरान यह भी सामने आया कि पूर्व मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर के कथित उत्पीड़न के कारण रंधावा मानसिक तनाव में थे। भुल्लर को गिरफ्तार किया गया है और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
रंधावा के परिवार ने बार-बार कहा है कि उन्हें न्याय दिलाया जाना चाहिए और उनके आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों का पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पता लगाया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रहे समर्थन ने उनके परिवार को साहस दिया है और न्याय की मांग को और मजबूत किया है।
इस आंदोलन ने अब एक वैश्विक स्वरूप ले लिया है, जहां सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि दुनियाभर के पंजाबी समुदाय, छात्र संगठन और सामाजिक समूह रंधावा के लिए न्याय की पुकार उठा रहे हैं। यह अभियान न केवल रंधावा के परिवार के लिए न्याय का प्रतीक बन रहा है, बल्कि ईमानदार और निष्ठावान अधिकारियों की सराहना और उनके योगदान को सम्मान देने का संदेश भी दे रहा है। रंधावा की याद और उनके लिए न्याय की मांग अब एक सामाजिक‑मानवाधिकार आंदोलन का रूप ले चुकी है, जो निष्पक्षता और न्याय की वैश्विक पुकार के रूप में सामने आ रही है।
कुल मिलाकर, “जस्टिस फॉर रंधावा” कैंपेन ने स्थानीय घटनाओं से बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान बनाई है और रंधावा के योगदान और उनके परिवार के लिए न्याय की मांग को दुनिया भर में एक आवाज़ दी है। यह आंदोलन न केवल न्याय की लड़ाई है, बल्कि ईमानदारी और निष्ठा की प्रतिष्ठा के लिए भी प्रतीक बन चुका है।
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