पंजाब

Ludhiana में बारिश का पानी गलियों में जमा, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

Ratna Netam
26 April 2026 7:36 PM IST
Ludhiana में बारिश का पानी गलियों में जमा, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
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Ludhiana.लुधियाना: शहर के प्रमुख इलाकों में से एक मॉडल टाउन की गलियों में पिछले दो दिनों से पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियाँ बढ़ गई हैं। पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है और आसपास के क्षेत्रों में सफाई और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी उत्पन्न हो गई हैं।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है और इस कारण उन्हें घर से बाहर निकलने में काफी दिक्कत हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। वहीं कई दुकानदारों ने कहा कि जलभराव के कारण उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है और ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
स्थानीय निवासी रविंदर कुमार ने कहा, "यह पानी दो दिन से गलियों में भरा हुआ है। बारिश के बाद नालियों से पानी नहीं बह रहा और इस वजह से सड़कें जलमग्न हो गई हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।"
मौजूदा स्थिति के चलते लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से अपील की है कि जलभराव को तुरंत हटाने के लिए पानी निकासी की व्यवस्था की जाए। नागरिकों का कहना है कि अगर समस्या का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा के साथ-साथ रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ेगा।
नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि जलभराव की वजह से कई नालियों में अवरोध उत्पन्न हो गए हैं, जिन्हें हटाने के लिए विशेष टीमें भेजी गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पानी निकासी के काम पूरे किए जाएंगे और गलियों को साफ किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में जलभराव की समस्या अक्सर उचित ड्रेनेज प्रणाली की कमी और बारिश के पानी के सही प्रबंधन न होने के कारण होती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि भविष्य में ऐसे हालात से बचने के लिए दीर्घकालिक समाधान अपनाए जाएं।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मॉडल टाउन में जलभराव की समस्या बढ़ती जा रही है, और प्रशासन को स्थायी समाधान के लिए शहर में ड्रेनेज और जल निकासी का बेहतर नेटवर्क विकसित करना होगा।
इस स्थिति ने मॉडल टाउन के निवासियों में असंतोष और चिंता दोनों पैदा कर दी है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को समय पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम किए जा सकें।
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