
चंडीगढ़। शहर में दवाओं के दुरुपयोग और बिना उचित रिकॉर्ड के नियंत्रित दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के औषधि नियंत्रण विंग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीमों ने तीन अलग-अलग केमिस्ट शॉप्स पर छापेमारी कर प्रेगाबालिन, ट्रामाडोल और कोडीन युक्त दवाओं का स्टॉक जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 1748 कैप्सूल और 38 बोतल कफ सिरप बरामद होने की जानकारी दी गई है। जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 66 हजार रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई नशीली और दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं की अवैध या अनियमित बिक्री रोकने के अभियान के तहत की गई। जांच के दौरान संबंधित फर्में जब्त दवाओं की खरीद और बिक्री से जुड़े आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके बाद औषधि नियंत्रण विंग ने दवाओं को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की।
तीन केमिस्ट दुकानों की जांच
औषधि नियंत्रण विंग की टीम ने शहर में संचालित तीन केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों पर उपलब्ध दवाओं के स्टॉक के साथ खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों का विशेष ध्यान ऐसी दवाओं पर था जिनका चिकित्सकीय उपयोग तो होता है, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर उनके दुरुपयोग की आशंका रहती है।
जांच के दौरान प्रेगाबालिन और ट्रामाडोल वाले कैप्सूल के साथ कोडीन युक्त कफ सिरप मिले। अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों से इन दवाओं की खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड मांगे। प्रशासन के मुताबिक, संबंधित फर्में आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सकीं।
इसके बाद दवाओं को जब्त कर लिया गया। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित स्टॉक कहां से खरीदा गया था और इसकी बिक्री किन परिस्थितियों में की जा रही थी।
1748 कैप्सूल किए गए जब्त
तीनों दुकानों पर हुई कार्रवाई में कुल 1748 कैप्सूल जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही कोडीन युक्त कफ सिरप की 38 बोतलें भी कब्जे में ली गई हैं। पूरे जब्त स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 66 हजार रुपये आंकी गई है।
मामले में केवल दवाओं की कीमत ही जांच का विषय नहीं है, बल्कि उनके स्रोत और बिक्री का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण माना जा रहा है। औषधि कारोबार से जुड़ी फर्मों को लागू नियमों के तहत कई दवाओं की खरीद और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होता है। जांच के दौरान दस्तावेज नहीं मिलने पर विभाग यह पता लगाएगा कि स्टॉक की सप्लाई कहां से हुई और दवाएं किन ग्राहकों को बेची गईं।
प्रेगाबालिन और ट्रामाडोल पर विशेष नजर
प्रेगाबालिन का उपयोग चिकित्सकीय रूप से नसों से संबंधित दर्द और कुछ अन्य स्थितियों के इलाज में किया जाता है। वहीं ट्रामाडोल एक दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग डॉक्टर की सलाह के तहत किया जाता है। इन दवाओं का बिना चिकित्सकीय निगरानी या निर्धारित मात्रा से अलग इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
इसी तरह कोडीन युक्त कुछ कफ सिरप का इस्तेमाल भी चिकित्सकीय जरूरतों के लिए किया जाता है। लेकिन निर्धारित नियमों और डॉक्टर की सलाह के विपरीत इनका सेवन दुरुपयोग की श्रेणी में आ सकता है। इसी कारण प्रशासन ऐसी दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड पर निगरानी रखता है।
कार्रवाई का उद्देश्य वैध चिकित्सा उपयोग को प्रभावित करना नहीं, बल्कि नियमों के खिलाफ बिक्री और दुरुपयोग की संभावनाओं पर रोक लगाना बताया गया है।
खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं मिला
इस कार्रवाई का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि संबंधित फर्मों के पास जब्त की गई दवाओं की खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला। दवा दुकानों में रिकॉर्ड इसलिए महत्वपूर्ण होता है ताकि जरूरत पड़ने पर किसी दवा की सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।
रिकॉर्ड से यह जानकारी मिलती है कि संबंधित दवा किस अधिकृत सप्लायर से खरीदी गई, कितनी मात्रा में स्टॉक आया और उसकी बिक्री किस तरह की गई। ऐसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर दवा के स्रोत और उसके वितरण को लेकर सवाल पैदा होते हैं।
औषधि नियंत्रण विंग अब उपलब्ध स्टॉक और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्मों के खिलाफ औषधि कानूनों और लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्य सचिव के निर्देश पर अभियान
यह कार्रवाई चंडीगढ़ के मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुरूप चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई गई है। प्रशासन शहर में नशीली दवाओं और फार्मास्युटिकल उत्पादों के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा रहा है।
इसी अभियान के तहत केमिस्ट दुकानों के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और दवाओं की खरीद से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सकीय इस्तेमाल वाली संवेदनशील दवाएं केवल निर्धारित नियमों के तहत ही ग्राहकों तक पहुंचें।
केमिस्ट संचालकों को नियमों का पालन जरूरी
औषधि नियंत्रण विभाग की कार्रवाई के बाद शहर के अन्य दवा विक्रेताओं के लिए भी नियमों का पालन महत्वपूर्ण हो गया है। दुकानदारों को दवाओं की खरीद अधिकृत स्रोत से करने के साथ आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होते हैं। जिन दवाओं की बिक्री के लिए चिकित्सकीय पर्चे या विशेष रिकॉर्ड की आवश्यकता होती है, उनके मामले में नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी है।
विभाग आने वाले दिनों में भी इस तरह के निरीक्षण जारी रख सकता है। तीन केमिस्ट दुकानों से जब्त 1748 कैप्सूल और 38 कफ सिरप की बोतलों के संबंध में अब रिकॉर्ड और सप्लाई चेन की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित फर्मों ने किन नियमों का उल्लंघन किया और उनके खिलाफ आगे किस तरह की कानूनी या विभागीय कार्रवाई की जाएगी।





