पंजाब
संगरूर में राहुल गांधी का शक्ति प्रदर्शन, मूसेवाला के पिता भी मंच पर
Ratna Netam
4 Nov 2026 3:49 PM IST

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संगरूर। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को संगरूर में आयोजित 'इंसाफ रैली' के दौरान कानून-व्यवस्था, नशाखोरी और गैंगस्टरवाद के मुद्दों पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा। उन्होंने दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि पंजाब में आज भी उन लोगों जैसी मानसिकता मौजूद है, जिन्होंने मूसेवाला की हत्या की थी। इस दौरान राहुल गांधी ने गायक के पिता बलकौर सिंह को भी मंच पर बुलाया। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और युवाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।संगरूर के फगुवाल गांव में आयोजित कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' में राहुल गांधी के साथ पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। रैली को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले में रैली आयोजित कर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को उसके राजनीतिक गढ़ में चुनौती देने की कोशिश की है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में सिद्धू मूसेवाला का उल्लेख करते हुए राज्य में अपराध और हिंसा की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने गायक की हत्या को पंजाब के लिए दुखद घटना बताया और उनके परिवार के संघर्ष को याद किया। राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद बलकौर सिंह को बुलाकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। गायक के पिता की मौजूदगी ने रैली को भावनात्मक स्वर भी दिया।सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में हुई थी। वह पंजाबी संगीत जगत के लोकप्रिय कलाकार होने के साथ कांग्रेस से भी जुड़े हुए थे। उन्होंने 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली थी। उनकी हत्या के बाद पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क, सुरक्षा व्यवस्था और संगठित अपराध को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।राहुल गांधी ने मूसेवाला के साथ अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने बताया कि गायक से मिलने के बाद उन्होंने उनके गीत सुने थे। इस प्रसंग के माध्यम से राहुल गांधी ने मूसेवाला की प्रतिभा और पंजाब के युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का उल्लेख किया।
रैली के दौरान कांग्रेस ने पंजाब में नशे की समस्या को प्रमुखता से उठाया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार नशाखोरी को नियंत्रित करने के अपने वादों पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने राज्य के युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों पर दिल्ली का प्रभाव है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब राज्य की जनता ने सरकार चुनकर जिम्मेदारी सौंपी है, तो पंजाब से जुड़े निर्णयों में स्थानीय नेतृत्व की भूमिका सर्वोपरि क्यों नहीं दिखाई देती। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।कांग्रेस की इस रैली में किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, नशे का बढ़ता प्रभाव और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने पहले ही कहा था कि 'इंसाफ रैली' का उद्देश्य पंजाब के अधिकारों और जनता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। उन्होंने राज्य सरकार पर जनता की समस्याओं के समाधान में विफल रहने का आरोप लगाया था।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि राज्य में अपराध की घटनाओं की निष्पक्ष और प्रभावी जांच होनी चाहिए। हालांकि, किसी भी अपराध में आरोपियों की दोषसिद्धि और न्यायिक प्रक्रिया का अंतिम निर्णय अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है।राहुल गांधी और मूसेवाला परिवार के बीच पहले भी मुलाकात हो चुकी है। जून 2022 में गायक की हत्या के बाद राहुल गांधी मानसा स्थित उनके घर पहुंचे थे और परिवार को सांत्वना दी थी। इसके बाद मई 2024 में पंजाब की एक चुनावी रैली के दौरान भी उन्होंने बलकौर सिंह के साथ सिद्धू मूसेवाला को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।संगरूर की रैली को कांग्रेस की चुनावी रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पंजाब के मालवा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में पार्टी को बड़ी सफलता मिली थी। ऐसे में कांग्रेस ने संगरूर से अपने चुनावी अभियान को गति देकर मालवा के मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया है।
राजनीतिक दृष्टि से सिद्धू मूसेवाला का मुद्दा पंजाब में आज भी संवेदनशील बना हुआ है। उनकी लोकप्रियता केवल संगीत तक सीमित नहीं थी, बल्कि युवाओं के बीच उनकी मजबूत पहचान थी। उनकी हत्या के बाद परिवार लगातार न्याय की मांग करता रहा है। ऐसे में बड़े राजनीतिक मंचों पर उनका उल्लेख राज्य की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक सवालों को सामने लाता है।राहुल गांधी के इस बयान के बाद पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस जहां नशाखोरी, बेरोजगारी और अपराध को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं आगामी विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों के मतदाताओं के बीच प्रमुखता से उठने की उम्मीद है।फिलहाल संगरूर की 'इंसाफ रैली' के जरिए कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आगामी चुनाव में वह कानून-व्यवस्था, युवाओं के भविष्य और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता देगी। राहुल गांधी द्वारा सिद्धू मूसेवाला को याद करना और उनके पिता बलकौर सिंह को मंच पर बुलाना इसी राजनीतिक संदेश का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
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