
पंजाब: मोहाली के बलौंगी थाना एक बार फिर विवादों में घिर गया है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मामूली विवाद के बाद थाने लाए गए तीन युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। बसपा नेताओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने युवकों से पैसे की मांग की और परिवार से 16 हजार रुपये लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया। इस मामले में बसपा ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शनिवार को बसपा नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। बसपा के प्रदेश सचिव हरभजन सिंह बजहेड़ी, जिला प्रधान हलकादास धालीवाल और अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई की रात अजय और उसका ममेरा भाई कैलाश बलौंगी सब्जी मंडी में खरीदारी करने गए थे। इसी दौरान एक रेहड़ी संचालक से किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
बसपा नेताओं के अनुसार, विवाद की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस दोनों युवकों को बलौंगी थाने ले गई। आरोप है कि थाने में दोनों युवकों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। पीड़ित पक्ष का दावा है कि युवकों को काफी चोटें आईं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध नहीं कराया गया।
पीड़ितों के भाई योगेश और बसपा नेताओं ने आरोप लगाया कि थाने में युवकों के मोबाइल फोन, गहने और अन्य सामान भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की थी। परिवार ने किसी तरह 16 हजार रुपये की व्यवस्था कर पुलिस को दिए, जिसके बाद रात करीब दो बजे दोनों युवकों को छोड़ा गया।
बसपा नेताओं ने आरोप लगाया कि घायल हालत में जब युवकों को सिविल अस्पताल खरड़ ले जाया गया तो वहां भी उन्हें तुरंत इलाज नहीं मिला। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बसपा ने मांग की है कि कथित रूप से लिए गए 16 हजार रुपये वापस कराए जाएं और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो बुधवार को पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी मामले पर अपना पक्ष रखा है। डीएसपी ईशान सिंगला ने बताया कि पूरा मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी ने यह भी बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से एक शिकायत मिली है, जिसमें कहा गया है कि पीड़ित युवकों ने अस्पताल में कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया था। इसके अलावा कॉलोनी के कुछ लोगों ने भी अजय और कैलाश पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपों और दावों की जांच कर रही है।
मामला सामने आने के बाद बलौंगी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि युवकों के साथ मारपीट और पैसे मांगने के आरोप कितने सही हैं। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। वहीं बसपा ने इस मामले को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है।





