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पंजाब के युवा ड्रग तस्करों के जाल में, आर्थिक तंगी बनी वजह

Kiran
13 Oct 2026 10:21 AM IST
पंजाब के युवा ड्रग तस्करों के जाल में, आर्थिक तंगी बनी वजह
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Chandigarh चंडीगढ़। पंजाब में नशे की समस्या के बीच एक और मोटरसाइकिल की स्थिति सामने है। नशे की लत, बेरोजगारी और आर्थिक अर्थशास्त्र से पढ़े हुए युवाओं को कारखाने में काम करने वाले अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उद्यमियों की राय अमृतसर में सामने आए नशे के मरीजों ने इस समस्या को बताया और गंभीर बना दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान से जुड़े कथित दस्तावेज पंजाब नेटवर्क के कुछ युवाओं की आर्थिक और व्यक्तिगत हिस्सेदारी का फायदा उठा रहे हैं। पुलिस जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें किशोर किशोरों को नशीले पदार्थों से जोड़ने की कोशिश की गई, हथियार और हथियार की बरामदगी की कोशिश की गई। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केवल कानून-व्यवस्था सीमित नहीं है। इसका असर युवाओं की शिक्षा, रोजगार, पारिवारिक जीवन और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। नशे के आदी कुछ युवाओं के लिए आर्थिक ज़रूरत पूरी करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे इंडोनेशिया में नेटवर्क नेटवर्क उन्हें पैसे और नशेड़ी का लालची अपने संपर्कों में लाने की कोशिश करते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिक्षकों की यह शौचालय चिंता का विषय है। कई मामलों में युवाओं को सीधे बड़े अपराध में शामिल करने के बजाय पहले छोटे काम दिए जाते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें आपराधिक नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालाँकि, प्रत्येक मामले में आरोपियों की भूमिका और उनकी पुष्टि की पुष्टि के आधार पर ही जांच की जा सकती है।
अमृतसर सहित पंजाब के कंकालों में नशीले और व्यापारियों के गोदामों में लंबे समय से सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं। पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के कथित संपर्कों की जांच के दौरान युवाओं की भर्ती से जुड़ी जानकारियां भी सामने आ रही हैं। अगस्त 2026 में अमृतसर पुलिस ने सोशल मीडिया पर युवाओं को अपराध से जोड़ने की कोशिशों को लेकर भी चिंता व्यक्त की थी। पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे हुए बच्चों से ऑनलाइन संपर्क स्थापित कर उन्हें पैसे और अन्य सुविधाओं का प्रलोभन दिया जाता है। ऐसे संपर्कों के माध्यम से युवाओं को नशीले पदार्थों और व्यापारियों से संबंधित अवैध अपराध में शामिल करने की कोशिश की जाती है। इस समस्या में आर्थिक नामांकन की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रोजगार के सीमित अवसर और पारिवारिक आर्थिक दबाव से कुछ युवाओं की असुरक्षा बढ़ सकती है। अपराधी नेटवर्क इसी स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, बेरोजगारी या आर्थिक समस्या का सामना करने वाले सभी युवाओं को अपराध से जोड़ना जरूरी नहीं है। विशेषज्ञों के शोध से संकेत मिलता है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सामाजिक और आर्थिक पर भी ध्यान देना जरूरी है। युवा रोजगार के अवसर, कौशल विकास, शिक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिष्य और शिष्या की भूमिका भी अहम है। युवाओं के व्यवहार में अचानक परिवर्तन, नशीले पदार्थों का सेवन या गरीब लोगों से संपर्क जैसे अहिल्या में समय पर सहायता उपलब्ध होना आवश्यक है। इसके साथ ही नशे की लत से जुड़े लोगों को अपराधियों के बजाय उनके इलाज और नुस्खे पर भी ध्यान देना जरूरी है।
पंजाब के सामने दो सीमांतों को चुनौती दी गई है। पहला, नशीले पदार्थ और मोटोरोला की सूची में शामिल नेटवर्क पर प्रभावकारी कार्रवाई और दूसरा, पोर्टफोलियो में रहने वाले युवाओं को नेटवर्क के प्रभाव से बचाना। अमृतसर में एक ऐसे किशोर के मामले सामने आए हैं जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि नशे की लत और आर्थिक रूप से समृद्ध युवाओं को आपराधिक अपराध में शामिल करने की कोशिश की गई है, सुरक्षा शिक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में कानून लागू करने वाली शिक्षा के साथ रोजगार, उपचार और तयशुदा से जुड़े उपाय भी महत्वपूर्ण हैं।
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