
Punjab पंजाब दूर-दूर से पठानकोट या पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर आने वाले लोग अक्सर कटारूचक गाँव में ‘चटपट बानी’ देखने ज़रूर जाते हैं। यह एक ऐसा जंगल है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह रातों-रात उग आया था। इस जगह को अक्सर देवी-देवताओं, आत्माओं और पूर्वजों का पवित्र निवास माना जाता है। यहाँ एक तरह का विस्मय, रहस्य और दैवीय उपस्थिति का एहसास होता है, इसलिए इसे बहुत सम्मान दिया जाता है, इसकी रक्षा की जाती है और यहाँ ध्यान व धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
35 एकड़ में फैला यह जंगल और उससे सटा ऐतिहासिक मंदिर गाँव के बीचों-बीच स्थित है। यह रातों-रात उगने के कारण मशहूर है, इससे जुड़ी कई लोक-कथाएँ हैं और यहाँ साल भर सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। ‘चटपट’ नाम ‘झटपट’ शब्द से निकला है, जिसका अर्थ है ‘जल्दी से’। माना जाता है कि इसका निर्माण सम्मानित संत योगी चरपट नाथ की योग शक्तियों से हुआ था। ‘बानी’ शब्द ‘वाणी’ से आया है, जिसका अर्थ जंगल होता है।
कहा जाता है कि जब योगी चरपट नाथ खेतों में ध्यान कर रहे थे, तो अनजान किसानों ने उनके ऊपर हल और लकड़ी का समतल करने वाला यंत्र (सुहागा) चला दिया। इसके परिणामस्वरूप, योगी की कोहनियाँ और घुटने ज़मीन में धंस गए, जिससे पानी का एक स्रोत फूट पड़ा। जैव-विविधता से भरपूर यह जंगल एक पवित्र उपवन है, इसलिए गाँव वाले इसका बहुत सम्मान करते हैं। लोग यहाँ कभी लकड़ी नहीं काटते, क्योंकि उनका मानना है कि पेड़ काटने से दुर्भाग्य आता है। इसे ‘देवताओं का जंगल’ भी कहा जाता है और स्थानीय समुदाय यहाँ पूजा-अर्चना करता है।





