पंजाब

Punjab के हेल्थ कार्ड से मरीज परेशान

Payal
22 April 2026 12:34 PM IST
Punjab के हेल्थ कार्ड से मरीज परेशान
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Punjab.पंजाब: पंजाब में स्वास्थ्य सेवा सुधार के नाम पर लॉन्च किए गए हेल्थ कार्ड का फायदा मरीजों तक पहुंचने में नाकाम साबित हो रहा है। कई मरीजों ने शिकायत की है कि हेल्थ कार्ड होने के बावजूद उन्हें अस्पताल में इलाज का खर्च खुद वहन करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को महंगे इलाज से बचाने के लिए शुरू की गई थी। योजना के तहत दावा किया गया था कि कार्डधारक निजी और सरकारी अस्पतालों में बिना किसी वित्तीय बोझ के इलाज करवा सकेंगे। लेकिन हालिया अनुभव बताते हैं कि योजना का लाभ काफी सीमित और जटिल प्रक्रियाओं में फंसा हुआ है।
मरीजों ने बताया कि कार्ड होने के बावजूद उन्हें दवाइयों, जांच और सर्जरी के खर्च खुद उठाने पड़ रहे हैं। कई अस्पतालों में कार्ड की वैधता और प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम है। कुछ मामलों में मरीजों को कार्ड दिखाने के बावजूद कागजी कार्रवाई और अनुमतियों की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि योजना का उद्देश्य सही है, लेकिन कार्यान्वयन में गंभीर कमियाँ हैं। अगर हेल्थ कार्ड सही तरीके से लागू हो, तो यह लाखों लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकता है। लेकिन अब तक के अनुभव से यह स्पष्ट है कि प्रशासन और अस्पतालों के बीच समन्वय का अभाव मरीजों को परेशानी में डाल रहा है।
राज्य सरकार का कहना है कि हेल्थ कार्ड योजना के तहत अब तक कई हजार मरीजों को लाभ मिल चुका है। लेकिन स्वास्थ्यकर्मी और मरीज इसे केवल कागजों तक सीमित मानते हैं। कार्ड धारक अक्सर यह शिकायत करते हैं कि खर्च का भुगतान और क्लेम प्रक्रिया बेहद जटिल और समय लेने वाली है।
विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि कार्ड को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल प्रणाली, त्वरित क्लेम निपटान और अस्पतालों में स्पष्ट दिशानिर्देश जरूरी हैं। इसके अलावा, मरीजों को योजना की सही जानकारी देना और अस्पताल कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना भी अनिवार्य है।
कुल मिलाकर, पंजाब में हेल्थ कार्ड योजना का मकसद तो सराहनीय है, लेकिन जमीन पर इसका क्रियान्वयन अभी भी बहुत पीछे है। मरीज अभी भी इलाज के भारी खर्च का सामना कर रहे हैं और सरकार को इसे सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
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