पंजाब

Punjab: दो और शव बरामद, राहत-बचाव अभियान जारी

Payal
13 April 2026 12:50 PM IST
Punjab: दो और शव बरामद, राहत-बचाव अभियान जारी
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Punjab.पंजाब: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार को बचाव दल को सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद हुए, जिसके बाद यह पुष्टि हुई कि हादसा और भी गंभीर था। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब यमुना नदी में एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव में कई श्रद्धालु और स्थानीय लोग सवार थे, जो नदी पार कर रहे थे। अचानक हुई इस दुर्घटना के बाद लोग पानी में गिर गए और तेज बहाव के कारण कई लोग बह गए।
घटना के तुरंत बाद प्रशासन और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। लगातार प्रयासों के बावजूद दो और शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि नदी का तेज बहाव और गहराई बचाव कार्य में बाधा बन रही है। इस हादसे में अभी भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें पंजाब के तीन लोग भी शामिल हैं। इन लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार प्रशासन से जल्द से जल्द खोजबीन की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी में नाव की क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की बात भी सामने आ रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को भी इस हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है और कई धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे सावधानी बरतें और बिना सुरक्षा उपायों के जल यात्रा न करें। पुलिस और बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से भी सर्च ऑपरेशन को तेज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। कुल मिलाकर, वृंदावन नाव हादसा एक गंभीर त्रासदी बनकर सामने आया है, जिसमें अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है और कई परिवार अभी भी अपने प्रियजनों की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस घटना ने एक बार फिर जल परिवहन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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