पंजाब

हिमाचल एंट्री टैक्स विरोध में Punjab ट्रकर्स ने NH जाम किया

Subhi
5 April 2026 12:43 PM IST
हिमाचल एंट्री टैक्स विरोध में Punjab ट्रकर्स ने NH जाम किया
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Punjab.पंजाब: चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पंजाब के ट्रांसपोर्टरों ने हिमाचल प्रदेश द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में सड़क जाम कर दिया, जिससे दोनों राज्यों के व्यापार और यात्रा प्रभावित हुई। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि अतिरिक्त टैक्स से उनके संचालन लागत में भारी वृद्धि हुई है और उनकी कमाई पर प्रत्यक्ष असर पड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान ट्रक और बस चालकों ने हाईवे पर वाहनों की कतारें लगाकर आंदोलन किया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भारी ट्रैफिक जाम और यात्रियों की असुविधा को देखते हुए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के नेताओं का कहना है कि कई वर्षों से पंजाब और हिमाचल के बीच परिवहन व्यवस्था में संतुलन बना हुआ था, लेकिन हाल में लागू किए गए एंट्री टैक्स ने इस संतुलन को बिगाड़ दिया है।
पंजाब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि टैक्स दर इतनी अधिक है कि छोटे और मध्यम व्यवसायी ट्रांसपोर्टर्स इसे वहन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि एंट्री टैक्स की दरों पर पुनर्विचार किया जाए और व्यापारियों के हितों का ध्यान रखा जाए। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि टैक्स की वजह से माल ढुलाई की लागत बढ़ी है और उपभोक्ताओं को भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश के अधिकारीयों ने कहा कि एंट्री टैक्स राज्य की सड़क सुरक्षा और स्थानीय विकास परियोजनाओं के लिए लगाया गया है। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करें। दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और राज्य प्रशासन ने भी वार्ता का प्रस्ताव रखा है।
ट्रांसपोर्टरों के विरोध के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने कहा कि छुट्टी और पर्यटन सीजन में यह जाम उनकी यात्रा को प्रभावित कर रहा है। व्यापारियों ने भी चिंता जताई कि माल वितरण में देरी होने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यों के बीच टैक्स और शुल्क का संतुलन व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर डालता है। पंजाब और हिमाचल के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान काफी वर्षों से जारी है, और ऐसे विवाद से आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है।
हालांकि ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि टैक्स में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में और बड़े आंदोलन की योजना बनाई जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।
यह विरोध पंजाब के ट्रांसपोर्टरों की आय और हिमाचल प्रदेश के पर्यटन व व्यापार पर असर डाल रहा है। अब यह देखना बाकी है कि दोनों राज्यों की सरकारें और व्यापारिक संगठन मिलकर इस विवाद का समाधान कैसे निकालते हैं।
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