
Punjab पंजाब: पंजाब में पिछले करीब चार वर्षों से नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति का इंतजार अब समाप्त होने की दिशा में आगे बढ़ गया है। केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मंगलवार को हुई बैठक में राज्य के नए नियमित डीजीपी के चयन के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल अंतिम रूप से तैयार कर लिया है। अब इस पैनल को एक-दो दिनों के भीतर पंजाब सरकार को भेजे जाने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, यूपीएससी द्वारा तैयार किए गए इस पैनल में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव, आईपीएस अधिकारी शरद सत्य चौहान और आईपीएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम शामिल हैं। अब अंतिम निर्णय पंजाब सरकार को इन तीन नामों में से किसी एक को चुनकर लेना होगा।
जानकारी के अनुसार, पैनल तैयार करने के लिए यूपीएससी की बैठक में अधिकारियों की सेवा अवधि, अनुभव, कार्यक्षमता और प्रशासनिक रिकॉर्ड जैसे कई मानकों पर विचार किया गया। इसके बाद योग्य अधिकारियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया।
कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव को इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वह लंबे समय से पंजाब पुलिस की कमान संभाल रहे हैं और कानून व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में उनकी भूमिका रही है। उनके अलावा शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू भी वरिष्ठ और अनुभवी आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं।
पंजाब में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया लंबित थी, जिसके कारण पुलिस प्रशासनिक ढांचे में अस्थायी व्यवस्था चल रही थी। अब यूपीएससी द्वारा पैनल तैयार किए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही राज्य को नियमित डीजीपी मिल जाएगा, जिससे पुलिस व्यवस्था में स्थिरता आएगी।
सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार को अब यूपीएससी से प्राप्त पैनल के आधार पर अंतिम निर्णय लेना होगा। सरकार इन तीन नामों में से किसी एक अधिकारी को पंजाब पुलिस का नया नियमित डीजीपी नियुक्त करेगी। इस निर्णय के बाद राज्य की कानून व्यवस्था की निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण को और मजबूती मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित डीजीपी की नियुक्ति से पुलिस विभाग में नीतिगत निर्णयों की गति तेज होगी और प्रशासनिक कामकाज में स्पष्टता आएगी। लंबे समय से चल रही कार्यवाहक व्यवस्था के कारण कई बार निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती रही है।
अब सभी की नजर राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है, जो आने वाले दिनों में लिया जा सकता है। यूपीएससी द्वारा भेजे गए पैनल के बाद पंजाब में पुलिस नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।





