पंजाब

Punjab: सजा विवाद को लेकर सदन में तीखी टिप्पणी

Payal
14 April 2026 12:56 PM IST
Punjab: सजा विवाद को लेकर सदन में तीखी टिप्पणी
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Punjab.पंजाब: पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र में सजा विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस दौरान विशेष आमंत्रित सदस्य ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए और उनकी भूमिका पर सवाल खड़े किए।
सत्र के दौरान जब सजा विवाद से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हो रही थी, तब ज्ञानी रघबीर ने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध रही है, उन पर भी जवाबदेही बनती है। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक और प्रशासनिक मामलों में लापरवाही के गंभीर परिणाम सामने आए हैं।
उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में हल्की गरमागरमी देखने को मिली और विपक्षी सदस्यों ने इसका विरोध भी किया। हालांकि, अध्यक्ष ने स्थिति को संभालते हुए चर्चा को आगे बढ़ाया। लेकिन इस बयान ने पूरे सत्र का ध्यान सजा विवाद की ओर केंद्रित कर दिया।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि धार्मिक मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या राजनीतिक हस्तक्षेप समाज में गलत संदेश देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, ताकि न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे।
विधानसभा में इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के सदस्यों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ सदस्यों ने ज्ञानी रघबीर के बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। इस कारण सदन में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में और बहस को जन्म दे सकता है। सजा विवाद पहले से ही संवेदनशील मुद्दा रहा है और अब इस पर नए बयान ने इसे और चर्चा में ला दिया है।
विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी संबंधित पक्षों की भूमिका स्पष्ट की जाए। वहीं, सत्तापक्ष ने कहा है कि सरकार सभी मामलों को गंभीरता से देख रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, विधानसभा सत्र में यह मुद्दा चर्चा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बहस होने की संभावना है। सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह इस बयान की गूंज सुनाई दे रही है।
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