पंजाब

Punjab : मतदाता सूची कार्य के लिए छुट्टी वाले दिन खुले स्कूल, कर्मचारियों ने उठाए सवाल

Kavita2
12 July 2026 10:59 AM IST
Punjab : मतदाता सूची कार्य के लिए छुट्टी वाले दिन खुले स्कूल, कर्मचारियों ने उठाए सवाल
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Punjab पंजाब : मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए महीने के दूसरे शनिवार और रविवार को सरकारी और एडिड स्कूल खुले रखे गए। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत इन दोनों अवकाश वाले दिनों में स्कूलों में स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई, ताकि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को काम में सहयोग मिल सके।

हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों के बीच कई व्यावहारिक सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उद्देश्य सभी बूथ लेवल अधिकारियों को सहायता उपलब्ध कराना था तो केवल स्कूलों में बने बूथों के लिए ही अतिरिक्त व्यवस्था क्यों की गई। राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे बूथ भी हैं, जो स्कूलों के अलावा अन्य सरकारी और निजी भवनों में संचालित हो रहे हैं, लेकिन वहां तैनात बीएलओ को इस तरह की सहायता नहीं मिली।

स्कूलों में लगाया गया अतिरिक्त स्टाफ

जानकारी के अनुसार, प्रदेशभर के सरकारी और एडिड स्कूलों को दूसरे शनिवार और रविवार को खोलने का निर्णय लिया गया। इन स्कूलों में बने मतदान केंद्रों पर तैनात बीएलओ को मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में सहायता देने के लिए स्कूल स्टाफ को बुलाया गया।

विभाग की ओर से इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची के काम को तेजी से पूरा करना और बीएलओ को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना बताया गया। स्कूलों में मौजूद शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को इस दौरान संबंधित कार्यों में सहयोग करने के निर्देश दिए गए।

अन्य स्थानों पर बने बूथों को लेकर सवाल

कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि राज्य में सभी मतदान केंद्र स्कूलों में नहीं हैं। कई बूथ पंचायत घर, पंचायत धर्मशाला, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय, निजी स्कूलों, कृषि विभाग के कार्यालयों, आईटीआई और बिजली बोर्ड की इमारतों में भी बनाए गए हैं।

इन स्थानों पर भी बीएलओ मतदाता सूची से जुड़े कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्कूलों जैसी अतिरिक्त सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि बीएलओ के काम को आसान बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई थी तो सभी बूथों पर समान व्यवस्था होनी चाहिए थी।

कर्मचारियों ने जताई व्यावहारिक दिक्कतें

स्कूल कर्मचारियों का कहना है कि अवकाश के दिनों में स्कूल खोलने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए था कि उनकी जिम्मेदारी किस सीमा तक होगी। कई कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि लगातार सरकारी कार्यों के लिए अवकाश वाले दिनों में ड्यूटी लगाने से उनके नियमित कार्य प्रभावित होते हैं।

कुछ कर्मचारियों का यह भी कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े कार्य चुनाव आयोग के अंतर्गत आते हैं, ऐसे में सभी विभागों और संस्थानों में तैनात बीएलओ के लिए एक समान सहायता व्यवस्था होनी चाहिए।

मतदाता सूची अपडेट करने पर जोर

दरअसल, मतदाता सूची को अपडेट करने और उसमें आवश्यक सुधार करने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने जैसी प्रक्रिया की जाती है।

बीएलओ इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे अपने क्षेत्र के मतदाताओं से संपर्क कर जानकारी जुटाते हैं और मतदाता सूची को सही रखने में मदद करते हैं।

शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत हुई व्यवस्था

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के बाद सरकारी और एडिड स्कूलों में यह व्यवस्था लागू की गई। विभाग का उद्देश्य था कि स्कूल परिसर में बने बूथों पर बीएलओ को काम करने के लिए बेहतर माहौल और जरूरी सहयोग मिल सके।

हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि व्यवस्था लागू करने से पहले सभी प्रकार के बूथों और वहां काम कर रहे कर्मचारियों की स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए था।

बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण

मतदाता सूची तैयार करने और संशोधित करने में बीएलओ की भूमिका सबसे अहम होती है। वे घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाते हैं और चुनाव प्रक्रिया को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं।

ऐसे में बीएलओ को समय पर संसाधन और सहयोग मिलना जरूरी है। कर्मचारियों का कहना है कि सभी बूथों पर समान सुविधाएं उपलब्ध कराने से काम अधिक प्रभावी तरीके से पूरा हो सकेगा।

आगे व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद

फिलहाल स्कूलों में अवकाश वाले दिनों में स्टाफ बुलाने की व्यवस्था को लेकर चर्चा जारी है। कर्मचारियों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद उम्मीद है कि विभाग इस व्यवस्था की समीक्षा कर सकता है।

मतदाता सूची से जुड़े कार्य समय पर पूरे हों, इसके लिए प्रशासन और विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सभी बूथों पर समान सहायता व्यवस्था लागू की जाती है तो बीएलओ को काम करने में आसानी होगी और मतदाता सूची का कार्य भी अधिक सुचारु रूप से पूरा किया जा सकेगा।

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