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पंजाब में नकल विवाद के बीच 454 फार्मासिस्ट पदों की भर्ती पर रोक, हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
चंडीगढ़ : पंजाब में फार्मासिस्ट ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद बढ़ गया है। नकल और कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 454 फार्मासिस्ट पदों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।
यह भर्ती परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट की ओर से आयोजित कराई गई थी। परीक्षा में कथित हाईटेक नकल का मामला सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई थी। हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब नियुक्ति प्रक्रिया अगली सुनवाई तक रुकी रहेगी।
परीक्षा में सामने आया था नकल का मामला
जानकारी के अनुसार, 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए आयोजित परीक्षा में पुलिस ने कथित तौर पर नकल गिरोह का खुलासा किया था। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और छिपे हुए कैमरों की मदद से परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया।
पुलिस जांच में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में मदद पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। इस मामले के सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे थे।
हाई कोर्ट में पहुंचा मामला
भर्ती परीक्षा को लेकर दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि नकल की घटना के कारण पूरी चयन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा रद्द करने और दोबारा निष्पक्ष तरीके से प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी और पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट अब इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।
सरकार ने पेपर लीक से किया इनकार
इस मामले में पंजाब सरकार का कहना है कि यह पारंपरिक पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल करने की कोशिश की गई थी। सरकार ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
हाई कोर्ट के फैसले के बाद परीक्षा में शामिल हजारों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। उम्मीदवार अब कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर परीक्षा रद्द होती है तो पूरी भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ सकती है। फिलहाल 454 फार्मासिस्ट ऑफिसर पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई है। कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही भर्ती को लेकर स्थिति साफ हो पाएगी।
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