पंजाब

Punjab: पंजाबी साहित्य को बढ़ावा देने के लिए ‘रीड-ए-थॉन’ लॉन्च

Ratna Netam
15 April 2026 1:53 PM IST
Punjab: पंजाबी साहित्य को बढ़ावा देने के लिए ‘रीड-ए-थॉन’ लॉन्च
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Punjab.पंजाब: पंजाब में पंजाबी साहित्य और भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल शुरू की गई है। एक टीचर-स्टूडेंट की जोड़ी ने मिलकर ‘रीड-ए-थॉन’ नामक कार्यक्रम लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य युवाओं में पंजाबी साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाना और पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करना है।
इस पहल के तहत प्रतिभागियों को पंजाबी भाषा में लिखी गई किताबें, कविताएं और कहानियां पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यक्रम का लक्ष्य केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि पंजाबी साहित्य की गहराई और सांस्कृतिक महत्व को समझना भी है।
इस अभियान की शुरुआत एक स्थानीय स्कूल से की गई, जहां शिक्षक और छात्र ने मिलकर इस विचार को विकसित किया। उनका कहना है कि आज के डिजिटल युग में युवा वर्ग पढ़ने की पारंपरिक आदतों से दूर होता जा रहा है, खासकर क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य से। ऐसे में इस तरह की पहल भाषा संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि ‘रीड-ए-थॉन’ के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं, रीडिंग सेशन और साहित्यिक चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र भाग लेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
शिक्षकों का मानना है कि पंजाबी साहित्य में समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक मूल्य छिपे हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इस पहल के माध्यम से छात्रों को न केवल भाषा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी परिचित कराया जा रहा है।
छात्रों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई छात्रों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और पंजाबी साहित्य को समझने का एक नया दृष्टिकोण देते हैं।
साहित्यिक विशेषज्ञों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे न केवल भाषा संरक्षित होती है, बल्कि सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है।
इस बीच, शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों ने भी इस प्रयास को सकारात्मक बताया है और कहा है कि यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे अन्य स्कूलों और जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, यह ‘रीड-ए-थॉन’ पहल Punjab में पंजाबी साहित्य के पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ी को अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगा।
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