
Punjab पंजाब: पंजाब में मंगलवार को हुए लोकल बॉडी चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा। इस बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष Amarinder Singh Raja Warring ने एक अलग अंदाज में मतदान केंद्र पहुंचकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। वे अपनी पत्नी अमृता के साथ बैलगाड़ी पर सवार होकर मुक्तसर जिले के एक पोलिंग बूथ पर पहुंचे और मतदान किया।
राजा वारिंग का यह अनोखा तरीका चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि उन्होंने आधुनिक वाहनों के बजाय पारंपरिक बैलगाड़ी का इस्तेमाल किया। इस कदम को उन्होंने प्रतीकात्मक बताया और इसके जरिए उन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की।
मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राजा वारिंग ने केंद्र सरकार पर ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है और इससे आम जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि महंगाई के इस दौर में लोग पहले ही कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
VIDEO | Punjab: State Congress President Amrinder Singh Raja Warring, wife Amrita Warring reached polling booth in bullock cart to symbolically protest against price rise in the country.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 26, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/v5JUPDBzqi
इस दौरान उन्होंने कहा कि बैलगाड़ी पर मतदान केंद्र पहुंचने का उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक था, ताकि आम लोगों की परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया जा सके। उनका कहना था कि ग्रामीण और मध्यम वर्ग के लोग आज भी बढ़ती कीमतों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, और इस मुद्दे को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाना जरूरी है।
पंजाब में मंगलवार को आठ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन समेत कुल 103 म्युनिसिपल बॉडी के लिए मतदान हुआ। राज्यभर में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। कई जगहों पर शांतिपूर्ण मतदान की प्रक्रिया जारी रही, जबकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर हल्की-फुल्की राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मतदान केंद्रों पर नजर बनाए हुए थीं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
राजनीतिक दलों के बीच इस चुनाव को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिला है, क्योंकि म्युनिसिपल बॉडी चुनाव स्थानीय स्तर पर जनता के मूड को दर्शाते हैं। सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने स्तर पर प्रचार अभियान चलाया और मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की।
अब सभी की नजर 29 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी है, जहां यह साफ होगा कि किस पार्टी को जनता का समर्थन मिला है। परिणामों के बाद राज्य की स्थानीय राजनीति में बदलाव की संभावनाएं भी बन सकती हैं।
इस बीच, राजा वारिंग की बैलगाड़ी वाली एंट्री राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है और इसे उनके विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।





