पंजाब

भगवंत मान कैंप ऑफिस पर रेड के बाद पंजाब की सियासत गरम

Ratna Netam
6 Oct 2026 10:02 PM IST
भगवंत मान कैंप ऑफिस पर रेड के बाद पंजाब की सियासत गरम
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की कार्रवाई के बाद राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है। पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार और बेईमानी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि CBI की जांच किसी राजनीतिक दल के निर्देश पर नहीं, बल्कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद हो रही है, इसलिए राज्य सरकार को जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए।
केवल सिंह ढिल्लों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि AAP सरकार को CBI की कार्रवाई के लिए BJP को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अदालत के आदेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI को निर्देश दिए हैं।ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा करने वाली सरकार अब अपने ही कार्यालय से जुड़े आरोपों की जांच का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार खुद को ईमानदार मानती है तो उसे जांच एजेंसी के सामने सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
CBI ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस समेत कई स्थानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में की गई। CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।यह पूरा मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश से जुड़ा है। अदालत ने कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत बताते हुए CBI को FIR दर्ज करने और मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। आरोपों में सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर, प्रशासनिक फैसलों, नीतियों, टेंडर और अन्य सरकारी मामलों को कथित रूप से प्रभावित करने की बातें शामिल हैं।
मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की ओर से पहले पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी का भी उल्लेख सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने सरकारी कामकाज में प्रभाव डालने और अधिकारियों की पोस्टिंग समेत विभिन्न मामलों में अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी और किसी भी आरोपी को अदालत में दोष सिद्ध होने तक दोषी नहीं माना जा सकता।हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर जांच शुरू की। एजेंसी ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस के अलावा OSD और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। जांच के दौरान डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को भी खंगाले जाने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए BJP ने राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। मान ने कहा कि CBI और ED का इस्तेमाल उनकी सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।इसी आरोप का जवाब देते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह कहना गलत है कि BJP के कहने पर CBI जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच का आदेश सीधे हाई कोर्ट ने दिया है और राज्य सरकार को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
ढिल्लों ने कहा कि यदि AAP सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उसे जांच से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार जांच का विरोध क्यों कर रही है और BJP पर आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं, जबकि CBI को जांच का निर्देश अदालत ने दिया है।पंजाब BJP पहले भी मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े आरोपों को लेकर भगवंत मान सरकार पर हमला बोल चुकी है। ढिल्लों ने इससे पहले भी आरोप लगाया था कि ट्रांसफर और पोस्टिंग समेत विभिन्न सरकारी कामों में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन आरोपों पर जवाब देने की मांग की थी।
दूसरी ओर पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के CBI जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार का कहना है कि मामले को लेकर उसके पास कानूनी आपत्तियां हैं और वह शीर्ष अदालत के सामने अपना पक्ष रखेगी। इसका मतलब यह है कि एक ओर CBI जांच आगे बढ़ रही है, जबकि दूसरी ओर राज्य सरकार हाई कोर्ट के आदेश की न्यायिक समीक्षा की मांग कर रही है।इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नया टकराव पैदा कर दिया है। BJP जहां CBI जांच को अदालत के आदेश पर हुई कार्रवाई बताते हुए AAP सरकार से जवाब मांग रही है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बता रहे हैं।
मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद जांच का फोकस कथित भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों पर रहेगा। CBI को यह पता लगाना है कि अधिकारियों की पोस्टिंग, सरकारी नीतियों, टेंडर, प्रशासनिक मंजूरी और अन्य मामलों में वास्तव में किसी तरह का अवैध हस्तक्षेप हुआ था या नहीं।हाई कोर्ट ने CBI से जांच आगे बढ़ाकर रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में संबंधित अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ हो सकती है तथा सरकारी फाइलों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस पर CBI की तलाशी के बाद AAP और BJP आमने-सामने हैं। केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य सरकार से जांच में सहयोग करने की मांग की है, जबकि भगवंत मान BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगा रहे हैं। अब इस पूरे मामले में आगे की स्थिति CBI जांच और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की चुनौती के नतीजों से स्पष्ट होगी।CBI की 6 अक्टूबर की तलाशी, OSD राजबीर सिंह घुमन के खिलाफ FIR और हाई कोर्ट के आदेश के बाद जांच शुरू होने की पुष्टि समकालीन रिपोर्टों से होती है। पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी है।
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