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पंजाब Punjab रविवार को 'ओल्ड पेंशन रेस्टोरेशन जॉइंट फोरम' ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ी रैली की। इसके बाद, सैकड़ों प्रदर्शनकारी कर्मचारी संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के पैतृक गांव सतौज की ओर मार्च करने लगे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। बाद में, ज़िला प्रशासन द्वारा फोरम और मुख्यमंत्री के बीच 27 अगस्त को बैठक तय किए जाने के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया।
यह रैली राज्य संयोजक जसवीर सिंह तलवार, सुखजीत सिंह डिंपी और गुरजंट सिंह कोकरी कलां के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने, बकाया महंगाई भत्ता जारी करने, प्रोबेशन पीरियड (परीक्षण अवधि) को खत्म करने और केंद्रीय वेतनमान को वापस लेने की मांग की। फोरम के नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने वादा किया था कि पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी महंगाई भत्ते (DA) की किस्तों के जारी होने का भी इंतज़ार कर रहे हैं, साथ ही प्रोबेशनरी और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को उनके संबंधित विभागों में रेगुलर किया जाना चाहिए।
नेताओं ने दावा किया कि सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने के बावजूद इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। रैली के बाद, सैकड़ों प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए सतौज की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने बैरिकेड्स और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करके उन्हें रोका, जिससे तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। ज़िला प्रशासन के दखल और 27 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ बैठक तय होने के बाद स्थिति सामान्य हुई। इस आश्वासन के बाद, फोरम के सदस्यों ने अगले फ़ैसले तक अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
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