
Punjab पंजाब: पंजाब से बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आई है, जहां राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों मामले गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। हालांकि, अब तक इन FIR की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।
सूत्रों ने शनिवार को जानकारी दी कि यह कार्रवाई पंजाब पुलिस द्वारा की गई है और फिलहाल जांच प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है। पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के बाद और तथ्य सामने आ सकते हैं।
संदीप पाठक हाल ही में उस राजनीतिक घटनाक्रम के कारण चर्चा में आए थे, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था। वे उन सात राज्यसभा सांसदों में शामिल थे, जिन्होंने 24 अप्रैल को AAP से अलग होने का फैसला लिया था। इस सामूहिक इस्तीफे ने आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया था।
उस समय कुल 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी, जिससे संगठन के भीतर असंतोष और राजनीतिक मतभेदों की बात सामने आई थी। इन सांसदों ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी की दिशा और नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए थे।
#WATCH | Delhi | BJP MP Sudhanshu Trivedi says, "...Today, the Punjab Police attempted to conduct a raid at the residence of Rajya Sabha MP Sandeep Pathak. We wish to pose this question to Punjab: a state where the law and order situation is so abysmal... yet, instead of bringing… pic.twitter.com/sKQl3GtTcl
— ANI (@ANI) May 2, 2026
इस्तीफा देने वाले सांसदों का आरोप था कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों, राजनीतिक मूल्यों और नैतिक आदर्शों से भटक गई है। उन्होंने कहा था कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव बढ़ता जा रहा है।
इन आरोपों और इस्तीफों के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया था और विपक्षी दलों ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी थी। अब संदीप पाठक के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह स्पष्ट नहीं है कि इन FIR में किन घटनाओं या आरोपों को आधार बनाया गया है। जांच के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब संदीप पाठक हाल ही में BJP में शामिल हुए हैं और उनकी राजनीतिक भूमिका पर नजरें टिकी हुई हैं।





