
x
Jalandhar जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने मंजीत सिंह बेदी (65) को पकड़ा है, जो अमेरिका में हुए बेनिफिट्स फ्रॉड (सरकारी लाभ से जुड़ी धोखाधड़ी) के मामले में वॉन्टेड था। बताया जाता है कि 'सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम' (SNAP) बेनिफिट्स फ्रॉड मामले में उसका नाम अमेरिका के 'मोस्ट-वॉन्टेड फ्रॉडस्टर्स' (धोखाधड़ी करने वाले सबसे ज़्यादा वांछित लोगों) की लिस्ट में शामिल था और वह कानून से बचने के लिए अप्रैल 2026 में कनाडा के रास्ते भारत भाग आया था।
गुलाब देवी रोड पर अमन नगर का रहने वाला बेदी, शुक्रवार को शहर की पुलिस के हत्थे परागपुर इलाके (जालंधर) में चढ़ा। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने बेदी को इस साल 16 मई को उसके खिलाफ दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया है। जालंधर के रामा मंडी पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ BNS की धारा 316(2) (आपराधिक विश्वासघात) और 318(4) (धोखाधड़ी) तथा पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल्स रेगुलेशन एक्ट की धारा 13 के तहत FIR दर्ज की गई थी। पुलिस को अब तक मिली जानकारी के अनुसार, बेदी 2019 से अमेरिका में रह रहा था। उससे पहले, वह जालंधर में ट्रांसपोर्ट का काम करता था। उसके दो बेटे अमेरिका में बसे हुए हैं। उसके पास अमेरिकी पासपोर्ट है।
FBI की एक पोस्ट में बताया गया है कि बेदी को टैकोमा, वॉशिंगटन में मार्च 2024 और जून 2025 के बीच कम से कम $600,000 की बेनिफिट्स फ्रॉड स्कीम में कथित तौर पर शामिल होने के लिए ढूंढा जा रहा था। उसकी गिरफ्तारी और सज़ा दिलाने में मदद करने वाली जानकारी के लिए $150,000 तक का इनाम रखा गया था। FBI के सिएटल फील्ड ऑफिस ने भी लिस्ट में उसके नाम के जुड़ने के बारे में पोस्ट किया था।
FBI और फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स के अनुसार, बेदी टैकोमा में 'एशियन ग्रोसरी स्टोर' का मालिक था और उसे चलाता था। फरवरी 2024 में स्टोर को इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड के ज़रिए सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) के फ़ायदे स्वीकार करने की मंज़ूरी मिली थी। "अगले महीने से शुरू करके जून 2025 तक, बेदी ने कथित तौर पर 'कैश-फॉर-बेनिफिट्स' (फ़ायदों के बदले नकद) स्कीम चलाई। आरोप है कि उसने ग्राहकों को खाना देने के बजाय उनके EBT कार्ड से पूरी रकम स्वाइप की, उन्हें नकद में सिर्फ़ आधी कीमत दी और बाकी रकम खुद रख ली। सरकारी वकीलों ने ऐसे उदाहरण दिए जिनमें $200 के चार्ज पर पाने वाले को $100 मिले, जबकि बेदी ने बाकी $100 अपनी जेब में डाल लिए। आरोप है कि इस स्कीम से उस खाने के लिए $600,000 से ज़्यादा की अवैध कमाई हुई, जो कभी बेचा ही नहीं गया।
बेदी पर अप्रैल 2026 में वाशिंगटन के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के US डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वायर फ्रॉड और SNAP बेनिफिट्स फ्रॉड के कई आरोप लगाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है, "हर आरोप के लिए 20 साल तक की जेल और $250,000 तक के जुर्माने की सज़ा हो सकती है।" उसे हिरासत में लिए बिना कोर्ट में पेश होने की इजाज़त दी गई थी और आदेश दिया गया था कि वह अपना पासपोर्ट जमा करे और वाशिंगटन राज्य में ही रहे। लेकिन इसके बजाय, वह गाड़ी चलाकर कनाडा की सीमा पार कर गया और फिर भारत भाग गया। 21 मई 2026 को, सुपरविज़न की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों में बेदी के लिए एक फ़ेडरल अरेस्ट वारंट जारी किया गया। इस जांच में US डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर का ऑफ़िस ऑफ़ इंस्पेक्टर जनरल, FBI और वाशिंगटन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ़ सोशल एंड हेल्थ सर्विसेज़ शामिल थे।
Next Story





