
Punjab पंजाब: पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी पूरी तरह खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को दूर करने और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाल रहे पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल मंगलवार को लगातार दूसरे दिन पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
पार्टी हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान को देखते हुए बघेल को स्थिति संभालने की जिम्मेदारी दी है। उनका उद्देश्य संगठन के सभी नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करना और आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत करना है।
जिला अध्यक्षों के साथ होगी पहली बैठक
भूपेश बघेल मंगलवार को सबसे पहले पंजाब कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति, जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता और आगामी चुनावों की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है।
जिला अध्यक्षों की भूमिका संगठन में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि वे बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को संचालित करते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर विशेष ध्यान दे रहा है।
चुनाव समिति और अन्य समितियों से करेंगे चर्चा
जिला अध्यक्षों की बैठक के बाद भूपेश बघेल हाल ही में गठित चुनाव समिति, कोर कमेटी और अन्य समितियों के अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे।
इन बैठकों में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करने, उम्मीदवार चयन प्रक्रिया, संगठन विस्तार और चुनावी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस नेतृत्व का प्रयास है कि चुनाव से पहले पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को खत्म कर एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरा जाए।
कई बड़े नेता बैठक में नहीं होंगे शामिल
हालांकि मंगलवार की बैठकों में कांग्रेस के कुछ प्रमुख नेता शामिल नहीं हो पाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वरिष्ठ नेता परगट सिंह फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं।
उनके दिल्ली में होने के कारण मंगलवार की बैठकों में उनकी भागीदारी नहीं होगी।
सोमवार को नेताओं से लिया फीडबैक
इससे पहले सोमवार को भूपेश बघेल ने पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात की थी। उन्होंने चुनाव समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, विजय इंदर सिंगला, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से वन-टू-वन बातचीत की।
इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने संगठन की स्थिति, नेताओं के बीच तालमेल और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया।
सूत्रों के अनुसार, बघेल ने नेताओं से पार्टी को मजबूत करने और आपसी मतभेद खत्म करने पर जोर दिया।
संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर है विवाद
पंजाब कांग्रेस में विवाद की मुख्य वजह हाल ही में हुई संगठनात्मक नियुक्तियां बताई जा रही हैं। कुछ नेताओं ने नियुक्तियों को लेकर नाराजगी जाहिर की है और पार्टी के अंदर असहमति की स्थिति बनी हुई है।
कांग्रेस हाईकमान इस विवाद को जल्द खत्म करना चाहता है, ताकि चुनावी तैयारियों पर इसका असर न पड़े।
पार्टी नेताओं का मानना है कि यदि संगठन में एकजुटता नहीं होगी तो आगामी विधानसभा चुनाव में चुनौती बढ़ सकती है।
2027 चुनाव पर कांग्रेस की नजर
पंजाब में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस इस चुनाव के लिए अभी से रणनीति बनाने में जुट गई है।
बैठकों के दौरान पार्टी का फोकस संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने पर रहेगा।
कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि चुनाव से पहले पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी को खत्म कर सभी नेताओं को एक मंच पर लाया जाए।
बघेल की भूमिका अहम
भूपेश बघेल को पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी विवाद को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी गुटों के बीच संतुलन बनाना और पार्टी संगठन को चुनाव के लिए तैयार करना है।
लगातार बैठकों के जरिए वह नेताओं की राय जान रहे हैं और संगठन की कमजोरियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
अब मंगलवार की बैठकों के बाद यह साफ होगा कि पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए पार्टी किस दिशा में आगे बढ़ती है। आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीति को लेकर और फैसले लिए जाने की संभावना है।





