पंजाब

Punjab: मिड-डे मील विवाद, कांग्रेस का आरोप, राशन की कीमतों में हुई मनमानी वृद्धि

Ratna Netam
6 May 2026 12:21 PM IST
Punjab: मिड-डे मील विवाद, कांग्रेस का आरोप, राशन की कीमतों में हुई मनमानी वृद्धि
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Punjab.पंजाब: पंजाब कांग्रेस ने हाल ही में राज्य सरकार पर मिड-डे मील योजना में भ्रष्टाचार और घोटाले के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील राशन की कीमतों में मनमाना बढ़ोतरी की गई है, जिससे योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “मिड-डे मील योजना बच्चों के पोषण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी। लेकिन बढ़ी हुई कीमतों और अस्पष्ट खर्चों ने योजना की वास्तविकता को खतरे में डाल दिया है। यह सीधे बच्चों के हित और राज्य के करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग से जुड़ा मामला है।”
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में मिड-डे मील राशन की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है। पार्टी ने यह भी कहा कि कई जिलों में राशन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं और बच्चों को पूरी मात्रा में भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ने आगे कहा कि राज्य सरकार को इस मामले की स्वतंत्र जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी ने सुझाव दिया कि जांच में सभी ठेकों, आपूर्ति श्रृंखला और राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिड-डे मील योजना जैसी बड़ी सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव बच्चों के पोषण और शिक्षा पर पड़ता है। यदि कीमतें बिना उचित कारण बढ़ाई गई हैं, तो यह न केवल योजना की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का संकेत भी देता है।
पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार से जवाब मांगेंगे और विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाएंगे। उनका कहना है कि बच्चों और परिवारों के हित में इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
वहीं, राज्य सरकार ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के तहत राशन की कीमतों में वृद्धि कई बाहरी कारकों, जैसे कच्चे माल की महंगाई, परिवहन लागत और अन्य आर्थिक दबावों के कारण हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह मामला चुनावी माहौल में विपक्ष के लिए एक सशक्त हथियार बन सकता है। साथ ही, यह सवाल भी उठाता है कि क्या सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था है।
कांग्रेस का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ कमाना नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि सार्वजनिक विश्वास बनाए रखा जा सके।
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