पंजाब

Punjab वकीलों ने चीफ जस्टिस से लीगल पॉलिसी सुधार की मांग की

Ratna Netam
4 April 2026 4:33 PM IST
Punjab वकीलों ने चीफ जस्टिस से लीगल पॉलिसी सुधार की मांग की
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Jalandhar.जालंधर: पंजाब के प्रमुख वकीलों ने हाल ही में चीफ जस्टिस से मुलाकात की और राज्य में लीगल एड पॉलिसी में सुधार एवं न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की मांग की। बैठक में वकीलों ने न्यायपालिका के सामने अपनी विविध समस्याओं और सुझावों को विस्तार से रखा।
वकीलों ने बताया कि पंजाब में गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए कानूनी मदद अभी पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने जजों और वकीलों के बीच बेहतर तालमेल बनाने, केसों के समयबद्ध निपटान और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया। वकील संगठन ने कहा कि यदि ये सुधार नहीं किए गए तो सामान्य जनता को न्याय मिलने में देरी और मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
चीफ जस्टिस ने वकीलों की मांगों को गंभीरता से लिया और कहा कि न्यायपालिका लगातार लीगल एड की पहुँच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने वकीलों से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव और सुधारों के प्रस्ताव लिखित रूप में प्रस्तुत करें, ताकि उन्हें लागू करने की प्रक्रिया तेज़ हो सके।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि एक्शन प्लान तैयार किया जाए, जिसमें केसों के निपटान की समयसीमा, न्यायालयों की कार्यप्रणाली और वकीलों की भूमिका को स्पष्ट किया जाए। वकीलों ने कहा कि इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि जनता के बीच न्याय के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
संगठन के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि लीगल एड पॉलिसी में बदलाव से गरीबों और वंचित वर्गों को न्याय तक पहुँचने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से अपील की कि वे नवीनतम कानूनी तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कामकाज को और प्रभावी बनाएं।
बैठक में वकीलों और न्यायपालिका के अधिकारियों के बीच खुले और सकारात्मक संवाद ने यह स्पष्ट कर दिया कि सभी पक्ष पंजाब में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और जनता को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कुल मिलाकर, पंजाब के वकीलों और चीफ जस्टिस के बीच हुई यह बैठक लीगल एड पॉलिसी सुधार और न्यायिक प्रक्रिया में सुधार के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वकीलों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल शिकायत करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को और पारदर्शी और सुलभ बनाना है।
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