पंजाब

TET नियम के चलते पंजाब में हेडमास्टरों की पदोन्नति स्थगित

Ratna Netam
23 April 2026 1:13 PM IST
TET नियम के चलते पंजाब में हेडमास्टरों की पदोन्नति स्थगित
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Punjab.पंजाब: पंजाब में शिक्षा विभाग के 4,000 से अधिक हेडमास्टरों की पदोन्नति TET (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य किए जाने के कारण रोक दी गई है। यह निर्णय शिक्षा विभाग के नए नियमों के तहत लिया गया है, जिससे हेडमास्टरों और स्कूल प्रशासन दोनों में चिंता का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, जिन हेडमास्टरों की पदोन्नति रोक दी गई है, उनमें से कई वर्षों से अपने पदों पर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और योग्य भी माने जाते हैं। हालांकि, अब TET पास होना पदोन्नति की शर्त बन गया है, और इसके बिना कोई भी हेडमास्टर अगली कक्षा में पदोन्नत नहीं किया जा सकता।
पदोन्नति न होने से प्रभावित हेडमास्टरों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे वर्षों से स्कूलों और छात्रों के विकास के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन नियमों के अचानक बदलाव के कारण उनकी कैरियर ग्रोथ प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि TET की तैयारी में समय और प्रयास की आवश्यकता है, और इस बदलाव से उनकी मेहनत और अनुभव का मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है।
पंजाब टीचर फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग को पदोन्नति नीति में बदलाव से पहले व्यापक परामर्श और समय देना चाहिए था। फेडरेशन ने सरकार से आग्रह किया है कि नियमों के लागू होने से पहले प्रभावित हेडमास्टरों को आवश्यक मार्गदर्शन और राहत दी जाए।
शिक्षा विभाग ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि TET अनिवार्यता का उद्देश्य शिक्षकों की गुणवत्ता और स्कूल शिक्षा की मानक को बढ़ाना है। विभाग के अधिकारी का कहना है, “यह नियम सभी हेडमास्टरों के लिए समान रूप से लागू होगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।”
विशेषज्ञों का मानना है कि टीईटी जैसी परीक्षा की अनिवार्यता शिक्षकों की पेशेवर योग्यता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे प्रभावित कर्मचारियों के लिए पर्याप्त समय और तैयारी के अवसर प्रदान करना भी जरूरी है। उनका कहना है कि बिना उचित तैयारी के अचानक लागू नियम कर्मचारियों में असंतोष पैदा कर सकते हैं।
स्थानीय स्कूल और शिक्षकों का कहना है कि नियम लागू होने से स्कूलों में नेतृत्व और प्रशासन में अस्थायी व्यवधान आ सकता है, क्योंकि कई हेडमास्टर पदोन्नति के इंतजार में हैं। हालांकि, वे उम्मीद कर रहे हैं कि शिक्षा विभाग और सरकार इस स्थिति का समाधान जल्द करेंगे।
अंततः, पंजाब में HED (Headmaster) पदोन्नति पर TET अनिवार्यता का असर शिक्षा विभाग की नीति और कर्मचारियों के करियर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह मामला यह दिखाता है कि नियमों के बदलाव के साथ समय पर संवाद और मार्गदर्शन कितना महत्वपूर्ण होता है।
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