पंजाब

आवारा कुत्तों पर पंजाब सरकार के अभियान के ऐलान से सियासी घमासान, BJP ने उठाए सवाल

Kavita2
22 May 2026 9:48 AM IST
आवारा कुत्तों पर पंजाब सरकार के अभियान के ऐलान से सियासी घमासान, BJP ने उठाए सवाल
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Punjab पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आवारा कुत्तों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाने की घोषणा के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस फैसले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में कहा था कि देश में लगातार बढ़ रही कुत्तों के हमलों की घटनाओं और सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी को देखते हुए राज्य सरकार एक बड़ा अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत आवारा और कथित रूप से “खतरनाक” कुत्तों की समस्या पर सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।

इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रही है और जनता के बीच भ्रम पैदा किया जा रहा है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुख्यमंत्री मान ने संकेत दिया कि राज्य सरकार आवारा और “हत्यारे” कुत्तों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाएगी। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का गलत अर्थ निकालने का प्रयास बताया।

BJP नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के मामलों में संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है, लेकिन राज्य सरकार इसे कठोर कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत कर रही है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

वहीं, सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और कुत्तों के हमलों से नागरिकों को बचाना है। अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में सभी कानूनी प्रावधानों और पशु कल्याण नियमों का पालन किया जाएगा।

इस बीच, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी चिंता जताई है और कहा है कि किसी भी अभियान को मानवीय दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास जैसे उपायों पर जोर दिया जाए।

राजनीतिक विवाद बढ़ने के साथ ही यह मुद्दा अब राज्य में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस पर अपनी अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।

फिलहाल, सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित अभियान पर अंतिम रूप से दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं और इसे लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से सलाह ली जाएगी।

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