पंजाब

Punjab: ड्रग्स का कहर, फिर बढ़ा मौतों का आंकड़ा

Ratna Netam
13 April 2026 1:16 PM IST
Punjab: ड्रग्स का कहर, फिर बढ़ा मौतों का आंकड़ा
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Punjab.पंजाब: पंजाब के सुल्तानपुर लोधी में पिछले चार हफ्तों के भीतर ड्रग्स से जुड़ी घटनाओं में पांच युवाओं की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लगातार हो रही इन मौतों ने एक बार फिर राज्य में नशे की गंभीर समस्या और इसके दोबारा फैलने (रिलेप्स) के संकट को उजागर कर दिया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मरने वाले सभी युवा किसी न किसी रूप में नशे के आदी थे और माना जा रहा है कि इनमें से कई मामलों में ड्रग्स का ओवरडोज मौत का कारण बना। अचानक बढ़ी इन घटनाओं ने न केवल परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है, बल्कि पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
परिजनों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान के बावजूद ड्रग्स की सप्लाई और उपलब्धता पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है। उनका आरोप है कि नशे का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है, जिसके कारण युवा फिर से इसकी चपेट में आ रहे हैं। कुछ मामलों में इलाज के बाद सुधार होने के बावजूद युवाओं का दोबारा नशे की ओर लौटना एक गंभीर समस्या बनकर सामने आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति ‘रिलेप्स’ यानी नशे की दोबारा लत लगने की समस्या को दर्शाती है, जो केवल कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि एक सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा भी है। इसके लिए न केवल सख्त कार्रवाई, बल्कि पुनर्वास और काउंसलिंग की मजबूत व्यवस्था की जरूरत है।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने संदिग्ध सप्लाई नेटवर्क पर निगरानी बढ़ा दी है और कुछ स्थानों पर छापेमारी भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने की बात कही है। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने और उन्हें सही दिशा में लाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई जा रही है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समुदाय, परिवार और शिक्षा संस्थानों को मिलकर काम करना होगा।
कुल मिलाकर, सुल्तानपुर लोधी में चार हफ्तों के भीतर ड्रग्स से पांच मौतों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। रिलेप्स और ड्रग्स की दोबारा बढ़ती समस्या को रोकने के लिए अब अधिक सख्त, व्यापक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, ताकि युवाओं को इस विनाशकारी रास्ते से बचाया जा सके।
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