पंजाब

Punjab: ‘CM-ब्रांडेड’ बैग में मुफ़्त किताबें देने पर विवाद

Ratna Netam
5 May 2026 2:02 PM IST
Punjab: ‘CM-ब्रांडेड’ बैग में मुफ़्त किताबें देने पर विवाद
x
Punjab.पंजाब: पंजाब में मुख्यमंत्री की शिक्षा योजनाओं के तहत बच्चों को मुफ्त किताबें वितरित करने का कदम अब विवाद का विषय बन गया है। दरअसल, किताबें बच्चों को ‘CM-ब्रांडेड’ बैग में दी जा रही हैं, जिसे विपक्ष और कुछ नागरिक राजनीतिक प्रचार का मामला बता रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। योजना के तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के बच्चों को किताबें मुफ्त में दी जा रही हैं। लेकिन इन किताबों को जिस बैग में वितरित किया जा रहा है, उस पर मुख्यमंत्री का नाम और फोटो अंकित है।
राजनीतिक दलों ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यह योजना शिक्षा का लाभ देने का नाम लेकर प्रचार अभियान में बदल गई है। विपक्ष ने कहा कि बच्चों के हाथ में मुफ्त किताबें पहुंचाना जरूरी है, लेकिन इस तरह के ‘ब्रांडेड बैग’ से यह संदेश जाता है कि योजना केवल प्रचार के लिए है। वहीं, सरकारी अधिकारी और शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य केवल बच्चों को किताबें और पढ़ाई के संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, “बैग पर CM का नाम इसलिए अंकित किया गया है ताकि यह योजना सरकारी प्रयास के अंतर्गत बच्चों तक पहुंचे और उनका उत्साह बढ़े। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।”
कई शिक्षाविदों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर इससे बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा सामग्री तक पहुंच बढ़ रही है, तो यह सकारात्मक कदम है। हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में इस तरह के उपायों में किसी भी तरह का प्रचार या राजनीतिक संदेश शामिल न किया जाए। पारिवारिक अभिभावक भी इस विषय में विभाजित हैं। कुछ का कहना है कि बच्चों को मुफ्त किताबें मिलने से उनका आर्थिक बोझ कम होता है और पढ़ाई में मदद मिलती है। वहीं कुछ अभिभावक और नागरिक इसे सरकारी प्रचार के रूप में देख रहे हैं और इसे आलोचना का विषय बना रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि हर बच्चे तक पढ़ाई की सामग्री पहुंचे।
उन्होंने कहा कि किताबों और बैग वितरण के दौरान किसी भी तरह का राजनीतिक संदेश बच्चों या अभिभावकों पर थोपने का इरादा नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और उद्देश्य स्पष्ट होना बहुत जरूरी है। किसी भी कार्यक्रम को शिक्षा या विकास से जोड़कर राजनीति का माध्यम बनाना योजना की मूल भावना को कमजोर कर सकता है। इस विवाद के बीच, राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किताबें और शिक्षा सामग्री समय पर सभी छात्रों तक पहुंचें। अधिकारियों का कहना है कि बैग में नाम और ब्रांडिंग का उद्देश्य केवल योजना की पहचान और जागरूकता बढ़ाना है।
Next Story