पंजाब

राहुल गांधी की संगरूर रैली से पहले पंजाब कांग्रेस की नेताओं की 'घर वापसी' पर नजर

Kiran
28 Oct 2026 11:15 AM IST
राहुल गांधी की संगरूर रैली से पहले पंजाब कांग्रेस की नेताओं की घर वापसी पर नजर
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पूर्व कांग्रेस विधायक रामिंदर आवला के शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल होने के कुछ दिनों बाद, अब उन नेताओं की 'घर वापसी' कराने की कोशिशें चल रही हैं, जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर BJP, AAP या अकाली दल का दामन थाम लिया था। 4 नवंबर को संगरूर में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की रैली से पहले, माझा क्षेत्र के एक पूर्व कांग्रेस विधायक की वापसी को लेकर काफी गहमागहमी और बातचीत चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व विधायक फतेहजंग बाजवा - जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर BJP जॉइन कर ली थी - ने सोमवार शाम चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर AICC के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की, जो उस समय दिल्ली लौट रहे थे। इस दौरान पंजाब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। हालांकि, इस मुलाकात का क्या नतीजा निकला, इसका पता नहीं चल सका है। फतेहजंग बाजवा से इस पर टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर वह कांग्रेस में लौटते हैं, तो एक ही परिवार के दो सदस्यों को विधानसभा टिकट देने को लेकर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि वह विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के भाई हैं।
इसी तरह, वरिष्ठ कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के बेटे और सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि उनके बेटे का पार्टी में आना इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके चुनाव जीतने की कितनी संभावना है। उन्होंने BJP में शामिल होने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं पारंपरिक कांग्रेसी हूं और हमेशा रहूंगा। BJP और अकाली दल की तरफ से अफवाहें फैलाई जा रही हैं।" कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनावों में टिकट बंटवारे के लिए 'जीतने की क्षमता' (winnability) मुख्य आधार होगी। हालांकि, पार्टी ने अभी तक उम्मीदवारों के चयन के लिए मानदंड तय नहीं किए हैं।
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