पंजाब

Punjab ने पराली प्रबंधन के लिए 43% बजट आवंटित किया

Ratna Netam
7 April 2026 2:00 PM IST
Punjab ने पराली प्रबंधन के लिए 43% बजट आवंटित किया
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Punjab.पंजाब: पंजाब सरकार ने धान के मौसम से पहले पराली प्रबंधन को लेकर कृषि कार्य योजना में कुल बजट का 43 प्रतिशत आवंटित किया है। यह कदम किसानों को पराली जलाने से रोकने और फसल अवशेष प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से लागू करने के लिए उठाया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय आवंटन का उद्देश्य किसानों को उपयुक्त उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराना है, जिससे वे पराली को खेत में ही सुरक्षित रूप से प्रबंधित कर सकें। इसमें प्लाउइंग, कंपोस्टिंग मशीन, बायोगैस संयंत्र और अन्य आधुनिक तकनीक शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार का यह कदम पराली जलाने से उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पंजाब में पराली जलाने से हवा और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, और यह नीति सीधे तौर पर इस समस्या से निपटने का प्रयास है।
कृषि कार्य योजना में आवंटन का यह 43 प्रतिशत हिस्सा सीधे किसानों को सब्सिडी और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को पराली प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह योजना उन्हें पराली जलाने की प्रवृत्ति को बदलने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने में मदद करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के सहयोग से किसानों की आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान भी संभव होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब जैसी कृषि प्रधान राज्य में पराली प्रबंधन की वैज्ञानिक नीति केवल पर्यावरण की दृष्टि से नहीं, बल्कि किसानों की आय और स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह कदम किसानों और सरकार के बीच सकारात्मक समन्वय को बढ़ावा देगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का उद्देश्य केवल उपकरण वितरण नहीं है, बल्कि किसानों को समग्र समर्थन और निगरानी प्रणाली प्रदान करना है, जिससे पराली प्रबंधन प्रभावी रूप से लागू हो सके।
संक्षेप में, पंजाब सरकार ने धान के मौसम से पहले पराली प्रबंधन के लिए कृषि कार्य योजना का 43 प्रतिशत बजट आवंटित किया, जिससे किसानों को उपकरण, प्रशिक्षण और सब्सिडी मिल सके। यह पहल न केवल पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि किसानों के लिए सुरक्षित, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल विकल्प भी उपलब्ध कराएगी।
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