पंजाब

PSPCL ने छोड़ी 10 हजार करोड़ जुटाने की योजना

Kiran
3 Oct 2026 11:29 AM IST
PSPCL ने छोड़ी 10 हजार करोड़ जुटाने की योजना
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पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने बॉन्ड और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के ज़रिए डेट मार्केट से 10,000 करोड़ रुपये का लोन लेने की अपनी पिछली योजना को आगे न बढ़ाने का फ़ैसला किया है। यह फ़ैसला बुधवार को हुई PSPCL के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया। सरकार के भरोसेमंद सूत्रों ने 'द ट्रिब्यून' को बताया कि बोर्ड ने देखा कि राज्य की बिजली कंपनी 5,500 करोड़ रुपये का बैंक लोन लेने में कामयाब रही है, जो "फिलहाल वर्किंग कैपिटल के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए काफ़ी था"।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मर्चेंट बैंकर के ज़रिए 150 करोड़ से 177 करोड़ रुपये की अरेंजर फ़ीस देकर लोन लेने के प्रस्ताव की आलोचना हो रही थी। इस प्रस्ताव को पहले इस साल अगस्त में PSPCL के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की बैठक में मंज़ूरी दी गई थी। तब यह तय किया गया था कि लोन के लिए राज्य सरकार की गारंटी के बिना मर्चेंट बैंकर के ज़रिए पैसा जुटाया जाएगा। इसके पीछे तर्क यह दिया गया था कि सब्सिडी के भुगतान में देरी और बिजली बिलों का भुगतान न होने के कारण बिजली कंपनी में नकदी की कमी (लिक्विडिटी क्रंच) को दूर करने के लिए लोन की ज़रूरत थी।
यह फ़ैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) द्वारा इसी तरह का बिना गारंटी वाला लोन लेने के प्रस्ताव की पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहले से ही जांच कर रहा है। मर्चेंट बैंकरों के ज़रिए लोन लेने के लिए टेंडर 15 जून को जारी किया गया था और टेक्निकल बिड 30 जुलाई को खोली गई थीं। फंड को 5,000-5,000 करोड़ रुपये की दो किश्तों में जुटाया जाना था।
तीन कंपनियों — AK कैपिटल सर्विसेज़ लिमिटेड, ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र्स प्राइवेट लिमिटेड और रियल ग्रोथ सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड — ने मर्चेंट बैंकर के तौर पर नियुक्त होने के लिए बोली लगाई थी। ये तीनों SEBI-रजिस्टर्ड कैटेगरी I मर्चेंट बैंकर हैं। सबसे कम बोली AK कैपिटल ने लगाई थी, जिसने कुल फंड जुटाने की राशि का 1.5 प्रतिशत अरेंजर फ़ीस के तौर पर मांगा था। बाकी दो बोली लगाने वालों ने जुटाई जाने वाली रकम का 1.73 प्रतिशत और 1.77 प्रतिशत अरेंजर फीस के तौर पर मांगा।
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