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पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, राजा वडिंग की जगह नए प्रदेश अध्यक्ष की चर्चा

Kavita2
30 Sept 2026 10:23 AM IST
पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, राजा वडिंग की जगह नए प्रदेश अध्यक्ष की चर्चा
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चंडीगढ़। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को बदले जाने की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान पंजाब इकाई में नया नेतृत्व लाने पर विचार कर रहा है और आने वाले दिनों में इस संबंध में फैसला हो सकता है।

पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ महीनों से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग के खेमों के बीच मतभेदों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी समय-समय पर प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए। हालांकि हाल के दिनों में कुछ नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर मतभेदों को कम करके दिखाने की कोशिश की है।

कांग्रेस हाईकमान ने इसी महीने पंजाब संगठन में एक बड़ा बदलाव करते हुए भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को AICC का पंजाब प्रभारी महासचिव नियुक्त किया था। पायलट की नियुक्ति 5 सितंबर को की गई। इसे विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश संगठन में नई शुरुआत और गुटबाजी कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में और बदलाव की अटकलें तेज हो गई थीं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा चल रही है कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी नया चेहरा ला सकती है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि वडिंग को जल्द दिल्ली बुलाया जा सकता है, जहां केंद्रीय नेतृत्व उनसे संगठन की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेगा। हालांकि इस संभावित बैठक या प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर कांग्रेस की ओर से अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

पायलट की नियुक्ति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उनका स्वागत करते हुए कहा था कि इससे पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद पैदा हुई है। उन्होंने सचिन पायलट को अच्छा नेता बताते हुए कहा था कि उनके आने से संगठन को फायदा होगा। प्रदेश अध्यक्ष के सवाल पर चन्नी ने यह भी कहा था कि अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना है और पार्टी नेतृत्व जो निर्णय करेगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।

इससे पहले पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कुछ नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व को लेकर नाराजगी जताई थी। हालांकि पायलट के प्रभारी बनने के बाद रंधावा ने अपने पुराने रुख को नरम किया और कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग नहीं की थी। इसके बावजूद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद पूरी तरह खत्म हुए हैं या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

राजा वडिंग पिछले कई वर्षों से पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी ने लोकसभा और अन्य राजनीतिक मुकाबलों में संगठन को सक्रिय रखने की कोशिश की है। लेकिन पार्टी के अंदर अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं के खेमों के बीच तालमेल बनाना लगातार चुनौती बना रहा है।

सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब में वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश भी की है। हाल में पायलट के नेतृत्व में हुए पार्टी कार्यक्रमों और प्रदर्शनों में राजा वडिंग समेत कई वरिष्ठ नेता एक साथ नजर आए। इससे कांग्रेस ने संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।

इसके बावजूद अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व प्रदेश संगठन में और बदलाव पर विचार कर सकता है। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चुनाव से पहले नेताओं के बीच गुटबाजी कम की जाए और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए।

पंजाब की राजनीति में कांग्रेस के अलावा सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल भी सक्रिय हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नया प्रदेश अध्यक्ष चुनते समय पार्टी नेतृत्व जातीय, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन को भी ध्यान में रख सकता है।

राजा वडिंग को हटाए जाने की अटकलों के बीच अभी संभावित उत्तराधिकारी का कोई नाम आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है। पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हो सकते हैं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व की ओर से किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है।

सचिन पायलट के सामने भी पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग गुटों को साथ लेकर चलने की चुनौती है। उन्हें ऐसे समय राज्य का प्रभारी बनाया गया है जब चुनावी तैयारी तेज हो रही है और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असहमति की खबरें सामने आती रही हैं।

कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से पहले संगठन में स्थिरता लाई जाए। यदि प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव किया जाता है तो यह सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद पंजाब कांग्रेस में दूसरा बड़ा संगठनात्मक फैसला होगा।

फिलहाल नजर कांग्रेस हाईकमान की अगली घोषणा पर है। राजा वडिंग को दिल्ली बुलाए जाने और नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की चर्चा राजनीतिक हलकों में तेज है, लेकिन औपचारिक फैसला अभी बाकी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि कांग्रेस पंजाब में मौजूदा नेतृत्व के साथ आगे बढ़ती है या विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की कमान किसी नए चेहरे को सौंपती है।

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