
Punjab पंजाब: चंडीगढ़ प्रशासन ने मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा के लिए 9 सचिवालय जांच कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी जनता से मिले सुझावों का अध्ययन कर अपनी सुइट प्रशासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन चंडीगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह कमेटी ड्राफ्ट संशोधनों पर प्राप्त सभी आपत्तियों की जांच करेगी और तकनीकी व प्रशासनिक दृष्टिकोण से उनकी समीक्षा करेगी।
इस कमेटी की अध्यक्षता प्रेमा पुरी उपाध्यक्ष, जो इंजीनियरिंग सचिव के पद पर कार्यरत हैं। कमेटी में विभिन्न विभागीय और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि मास्टर प्लान से जुड़े सभी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया जा सके।
कमेटी के अन्य सदस्यों में डी कार्तिकेयन, मुख्य वास्तुकार (चीफ आर्किटेक्ट), यूटी के मुख्य अभिय प्रशासन के अनुसार, इस समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मास्टर प्लान-2031 में किए जा रहे संशोधन शहर के सतत विकास, शहरी नियोजन और आधारभूत ढांचे की अवधारणाओं के अनुरूप हों। साथ ही जनता द्वारा तय की गई चिंताओं को भी तर्कसंगत से शामिल किया जाएगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि समिति सभी सुझावों और आपत्तियों की विस्तार से जांच करेगी और तकनीकी मानकों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद यह रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर मास्टर प्लान में अंतिम संशोधन किए जाएंगे।
मास्टर प्लान-2031 चंडीगढ़ के भविष्य के विकास का रोडमैप माना जाता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह के बदलाव को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इंटर्नशिप और इंटर्नशिप की भागीदारी के साथ इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि शहर के संतुलित विकास को सुनिश्चित किया जा सके।





