पंजाब

पावर कॉर्पोरेशन नहीं उठाएगा 10 हजार करोड़ का ऋण

Kiran
2 Oct 2026 10:58 AM IST
पावर कॉर्पोरेशन नहीं उठाएगा 10 हजार करोड़ का ऋण
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Punjab पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने बॉन्ड और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के ज़रिए डेट मार्केट से 10,000 करोड़ रुपये का लोन न लेने का फ़ैसला किया है। यह फ़ैसला बुधवार को PSPCL के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया। सरकार के भरोसेमंद सूत्रों ने 'द ट्रिब्यून' को बताया कि बोर्ड ने पाया कि राज्य की बिजली कंपनी 5,500 करोड़ रुपये का बैंक लोन लेने में कामयाब रही है, जो "फिलहाल वर्किंग कैपिटल के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए काफ़ी है"।
यह कदम उस आलोचना के बीच उठाया गया है जिसमें मर्चेंट बैंकर को 150 करोड़ से 177 करोड़ रुपये की 'अरेंजर फ़ीस' देकर लोन लेने के प्रस्ताव पर सवाल उठाए गए थे। मर्चेंट बैंकर को यह पैसा राज्य सरकार की गारंटी के बिना जुटाना था। उस समय तर्क यह दिया गया था कि सब्सिडी में देरी और बिजली बिलों का भुगतान न होने के कारण बिजली कंपनी में नकदी की कमी (लिक्विडिटी क्रंच) को दूर करने के लिए लोन की ज़रूरत थी।
सरकारी सूत्रों ने 'द ट्रिब्यून' को बताया कि बुधवार की बैठक में बोर्ड के सदस्यों को जानकारी दी गई कि चूंकि बैंक बिना किसी फ़ीस के बिजली कंपनी को लोन देने को तैयार थे, इसलिए मर्चेंट बैंकर के ज़रिए लोन लेने की कोशिश अब ज़रूरी नहीं रह गई थी। मर्चेंट बैंकरों के ज़रिए लोन लेने के लिए टेंडर 15 जून को जारी किया गया था और टेक्निकल बिड 30 जुलाई को खोली गई थीं। फंड को 5,000-5,000 करोड़ रुपये की दो किश्तों में जुटाया जाना था।
तीन कंपनियों - AK कैपिटल सर्विसेज़ लिमिटेड, ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र्स प्राइवेट लिमिटेड और रियल ग्रोथ सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड - ने मर्चेंट बैंकर बनने के लिए बोली लगाई थी। ये तीनों SEBI में रजिस्टर्ड कैटेगरी 1 के मर्चेंट बैंकर हैं। सबसे कम बोली AK कैपिटल ने लगाई थी, जिसने कुल फंड जुटाने की राशि का 1.5 प्रतिशत 'अरेंजर फ़ीस' के तौर पर मांगा था।
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