
पंजाब न्यूज़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि पंजाब वासियों को अपने सामान्य कार्यों के लिए चंडीगढ़ न आना पड़े, इसके लिए सीएम फील्ड आफिसर के पदों का सृजन किया जा रहा है। बहुत जल्द प्रदेश के सभी जिलों में इन अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। ये अधिकारी मुख्यमंत्री के आधार पर लोगों की शिकायतें सुनकर वहीं पर उनका निपटारा करेंगे ताकि लोगों को अपनी शिकायतें लेकर चंडीगढ़ के चक्कर न काटने पड़ें।
भगवंत मान शनिवार को पंजाब विधानसभा में बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा में सरकार की तरफ से जवाब दे रहे थे। भगवंत मान ने कहा कि पिछले तीन माह के भीतर भ्रष्टाचार के मामलों में 29 एफआईआर दर्ज करके 47 भ्रष्ट अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब से ड्रग्स के खात्मे के लिए किए जा रहे कार्यों पर सदन में रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि पिछले तीन माह के दौरान ओट क्लीनिक के नाम पर खोले गए नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या 208 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है। इन केंद्रों में नशे के शिकार युवाओं का उपचार किया जा रहा है। जरूरत पड़ऩे पर आने वाले समय में इन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
भगवंत मान ने शिक्षा के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में 19 नई आईटीआई खोलने जा रही है। जिनमें 44 नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। मान ने कहा कि पंजाब में 5994 ईटीटी अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पंजाब के अध्यापकों को यूएस के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
एक विधायक एक पेंशन बिल आएगा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य सरकार इसी सत्र के दौरान एक विधायक एक पेंशन बिल सादन में लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में पहले ही फैसला ले चुकी है लेकिन राज्यपाल द्वारा मंत्रिमंडल के फैसले को स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। अब सरकार विधानसभा के बजट सत्र में यह बिल लेकर आएगी। उसके बाद पंजाब के पूर्व विधायकों को एक से अधिक पेंशन नहीं मिलेगी।





