पंजाब

झोटा हत्याकांड पर गरमाई सियासत सुखबीर बादल ने उठाए सवाल

Ratna Netam
24 Oct 2026 3:13 PM IST
झोटा हत्याकांड पर गरमाई सियासत सुखबीर बादल ने उठाए सवाल
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चंडीगढ़। पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि नशा तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने वाले झोटा के परिवार को न्याय दिलाने के बजाय प्रशासन परेशान कर रहा है। बादल ने आरोप लगाया कि मृतक की पत्नी और पिता को ऐसे लोगों के साथ बैठक करने के लिए बुलाया जा रहा है, जिनकी भूमिका पर परिवार ने सवाल उठाए हैं।
सुखबीर बादल ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पंजाब सरकार के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने राज्य में नशे के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपनी जान गंवा दी, लेकिन उनके परिवार को अब भी न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।बादल ने आरोप लगाया कि झोटा के बलिदान का सम्मान करने और दोषियों को सजा दिलाने के बजाय प्रशासन शोकाकुल परिवार को परेशान कर रहा है।उन्होंने दावा किया कि झोटा की पत्नी और पिता को उन लोगों के साथ बातचीत करने के लिए बुलाया जा रहा है, जिनका नाम परिवार हत्या से जुड़े आरोपों में ले रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पिता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की
परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने अपने बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।सुखबीर बादल ने भीम सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि परिवार की न्याय संबंधी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।शनिवार को भीम सिंह ने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी के तबादले की मांग की। परिवार और सरकार के बीच तीन दौर की बातचीत के बावजूद गतिरोध बना हुआ है। भीम सिंह ने कहा कि संबंधित अधिकारी की मौजूदगी में वे आगे की बैठकों में शामिल नहीं होंगे।
13 अक्टूबर को हुई थी परविंदर सिंह झोटा की हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाते थे।घटना के दिन झोटा एक मेडिकल स्टोर संचालक से कथित नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और गोलीबारी हुई। इस घटना में झोटा की मौत हो गई, जबकि उनके चार साथी घायल हुए थे।हत्या की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया था, जिसके बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
अकाली दल ने राज्यपाल से भी की कार्रवाई की मांग
शिरोमणि अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाने की मांग की थी।पार्टी ने झोटा के परिवार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा और उनकी पत्नी को प्रथम श्रेणी की सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। इसके अलावा नशे के अवैध कारोबार को कथित संरक्षण देने वाले अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने की मांग की गई।
सीबीआई जांच की घोषणा, फिर भी परिवार का विरोध जारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने झोटा हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।इसके बावजूद परिवार और प्रशासन के बीच बातचीत में सहमति नहीं बन सकी है। शव के पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है।इस मामले ने पंजाब में नशे के अवैध कारोबार, कानून-व्यवस्था और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक विरोध तेज कर दिया है।
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