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पंजाब में अवैध रेत खनन पर सियासी बवाल

Ratna Netam
22 Oct 2026 8:48 PM IST
पंजाब में अवैध रेत खनन पर सियासी बवाल
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चंडीगढ़। पंजाब में कथित अवैध रेत खनन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन का कारोबार चल रहा है और इसे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान का संरक्षण प्राप्त है। चन्नी ने राज्य सरकार की खनन नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों से प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
केजरीवाल और भगवंत मान पर सीधा आरोप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाब में अवैध खनन कोई नई समस्या नहीं है। उनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से रेत और बजरी के कारोबार में अनियमितताएं लगातार बढ़ी हैं।चन्नी ने आरोप लगाया कि राज्य में अवैध खनन का कारोबार राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर आवश्यक सरकारी अनुमति और पर्यावरणीय मंजूरी के बिना रेत निकाली जा रही है।उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन राज्य की संपत्ति हैं और इनके दोहन से होने वाली आमदनी सरकारी खजाने में पहुंचनी चाहिए।
खनन नीति को लेकर सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने दावा किया कि पंजाब सरकार प्रभावी और व्यवहारिक खनन नीति लागू करने में विफल रही हैउन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआती दौर में तीन महीने के लिए एक नीति लागू की थी, जिसमें हाथों से खनन करने का प्रावधान था। चन्नी के अनुसार, यह व्यवस्था प्रभावी साबित नहीं हुई।उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद अवैध खनन को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।हालांकि, पंजाब में खनन से संबंधित नियम और नीतियां मौजूद हैं। राज्य सरकार ने अप्रैल 2025 में लघु खनिज नीति में संशोधन भी अधिसूचित किया था। इसलिए राज्य में हर प्रकार के खनन को अवैध बताने वाला चन्नी का दावा स्थापित तथ्य नहीं है।
रात के अंधेरे में रेत निकालने का आरोप
चरणजीत सिंह चन्नी ने आरोप लगाया कि पंजाब की नदियों के किनारे रात के समय बड़े पैमाने पर रेत और बजरी निकाली जा रही है।उन्होंने कहा कि इस कारोबार में भारी मशीनों और ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।चन्नी ने दावा किया कि अवैध खनन से राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, जबकि संबंधित कारोबारी लाभ कमा रहे हैं।इससे पहले 15 अक्टूबर की रात चन्नी ने रोपड़ जिले के आनंदपुर साहिब क्षेत्र में सतलुज नदी के किनारे स्थित खनन स्थल का दौरा किया था।उन्होंने वहां भारी मशीनों से कथित अवैध खनन होने का आरोप लगाया और घटना से संबंधित वीडियो भी सार्वजनिक किए थे।
रोपड़ में अवैध खनन को लेकर दर्ज हुई FIR
चन्नी के औचक निरीक्षण के बाद रोपड़ प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में जांच की थी।खनन विभाग के अधिकारियों ने आनंदपुर साहिब के निकट सैदपुर गांव में अनधिकृत खनन की पुष्टि की थी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।विभागीय अधिकारियों ने बताया था कि जांच दल के पहुंचने से पहले खनन में इस्तेमाल की जा रही मशीनें मौके से हटा ली गई थीं।हालांकि, खनन विभाग ने प्रशासनिक निष्क्रियता के आरोपों को खारिज किया था। अधिकारियों के मुताबिक, अक्टूबर महीने के दौरान संबंधित क्षेत्र में छह नोटिस जारी किए गए थे और छह चालान भी किए गए थे।
सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने रेत खनन से बड़ी राजस्व प्राप्ति का भरोसा दिलाया था।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्य में इतनी बड़ी मात्रा में रेत और बजरी निकाली जा रही है, तो उससे होने वाली आमदनी सरकारी खजाने में क्यों नहीं दिखाई दे रही।चन्नी ने खनन कारोबार की वित्तीय गतिविधियों और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई है।उन्होंने पूर्व में इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की थी।
आम आदमी पार्टी ने पहले भी नकारे थे आरोप
अवैध खनन को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच पहले भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हो चुके हैं।अगस्त 2026 में चन्नी द्वारा जालंधर के निकट एक खनन स्थल का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय आप विधायक इंदरजीत कौर मान ने उनके आरोपों को खारिज किया था।उन्होंने दावा किया था कि संबंधित स्थान पर अवैध खनन नहीं हो रहा था और चन्नी का निरीक्षण वास्तविक स्थिति को गलत ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास था।फिलहाल चन्नी के ताजा आरोपों पर केजरीवाल और भगवंत मान की विशिष्ट प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हो सकी है। अवैध खनन के मामलों में जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
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