पंजाब

परविंदर झोटा की हत्या के बाद सियासी बवाल

Rajeshwari Nishad
14 Oct 2026 1:44 PM IST
परविंदर झोटा की हत्या के बाद सियासी बवाल
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मानसा। पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। मंगलवार को दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बुधवार को गुस्साए लोगों ने आरोपी केमिस्ट की दुकान में आग लगा दी। वहीं, आरोपी के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई किए जाने की खबर सामने आई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस हत्याकांड ने राज्य में नशे के कारोबार, कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियान को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के मामलों को सामने लाने के लिए भी सक्रिय थे। उनकी हत्या के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद इलाके में विरोध और तनाव की स्थिति बनी हुई है।
मेडिकल स्टोर पर विवाद के बाद हुई थी गोलीबारी
जानकारी के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा मंगलवार को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। वहां नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर उनकी दुकान संचालक के साथ बहस हो गई। झोटा इस दौरान सोशल मीडिया पर लाइव भी थे। सामने आई वीडियो रिपोर्ट्स में विवाद के दौरान गोलीबारी होते दिखाई देने की जानकारी दी गई है।
आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने बहस के दौरान झोटा पर गोली चला दी। इस घटना में झोटा की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद चार अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद मानसा में बड़ी संख्या में लोग जुट गए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
झोटा की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में तनाव बढ़ गया। उनके समर्थकों ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले व्यक्ति की इस तरह हत्या होना गंभीर चिंता का विषय है।
आरोपी की दुकान में आगजनी से बढ़ा तनाव
हत्याकांड के बाद लोगों का गुस्सा आरोपी के मेडिकल स्टोर पर भी फूटा। बुधवार को दुकान में आग लगाए जाने की खबर सामने आई। इससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों द्वारा दुकान में तोड़फोड़ किए जाने की खबरें आई थीं।
घटना के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। एक ओर लोग हत्या के मामले में कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर हिंसक विरोध की घटनाओं से स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
किसी भी आपराधिक घटना के बाद लोगों में आक्रोश स्वाभाविक हो सकता है, लेकिन आगजनी और तोड़फोड़ से स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए दोषियों को सजा दिलाना जरूरी है।
आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई
इस मामले में आरोपी के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई किए जाने की खबर भी सामने आई है। इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा तेज है। हालांकि, घर को गिराने या उसके किसी हिस्से को ध्वस्त करने के पीछे प्रशासन की ओर से क्या आधार बताया गया है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
बुलडोजर कार्रवाई के मामलों में कानूनी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों के आदेश महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए इस कार्रवाई की वजह, संपत्ति की स्थिति और प्रशासनिक आदेश से जुड़ी जानकारी की पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल, इस घटनाक्रम ने मानसा में तनाव को और बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
राजस्थान से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की थी। बुधवार को सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल बरामद किए जाने की भी जानकारी दी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान वारदात के कारणों, घटनास्थल पर मौजूद लोगों और अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी आरोपी की फरारी में कथित तौर पर मदद करने के संबंध में पकड़े जाने की खबर है।
आरोपी की गिरफ्तारी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है, लेकिन मामले की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
नशे के खिलाफ अभियान पर उठे सवाल
परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। झोटा कथित तौर पर मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे। उनकी हत्या के बाद विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
राजनीतिक नेताओं ने नशे के खिलाफ काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया है। वहीं, घटना के बाद प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की चुनौती है।
न्याय की मांग, प्रशासन के सामने शांति बनाए रखने की चुनौती
मानसा में इस हत्याकांड के बाद लोगों में गुस्सा और दुख दोनों हैं। परविंदर सिंह झोटा की हत्या से उनके परिवार और समर्थकों को गहरा आघात पहुंचा है। लोग मामले में त्वरित न्याय और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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